- भिवंडी नगर निगम में मेयर पद के चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है, जिससे स्थिति अनिश्चित बनी है
- कांग्रेस ने भिवंडी नगर निगम में सबसे अधिक सीटें प्राप्त की हैं और मेयर पद के लिए गठबंधन का समर्थन बना रही है
- बीजेपी के नारायण चौधरी ने 7 पार्षदों के साथ अलग गुट बनाकर कांग्रेस का समर्थन किया है जिससे सियासी समीकरण बदले
महाराष्ट्र के भिवंडी नगर निगम में मेयर पद के लिए आज चुनाव हो रहे हैं. कई सालों से भिवंडी के मेयर पारंपरिक रूप से अल्पसंख्यक समुदाय से ही चुने जाते रहे हैं. हालांकि, इस साल स्थिति बदलती दिख रही है. चूंकि न तो गठबंधन और न ही सत्ताधारी दल को भिवंडी नगर निगम में स्पष्ट बहुमत मिला है. इसलिए मेयर के नाम को लेकर अभी तक स्थिति साफ नहीं हुई है. बीजेपी के कुछ सदस्य ने एक अलग ही गुट बना लिया है. इधर, कांग्रेस में भी फूट नजर आ रही है. प्रदेश अध्यक्ष की शिकायत राहुल गांधी तक कर दी गई है.
BJP में फूट
भिवंडी में कांग्रेस पार्टी को सबसे अधिक सीटें मिली हैं, जिससे बहुमत हासिल करने के लिए छोटी पार्टियों और गठबंधनों की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई. इस बीच, बीजेपी के मेयर पद के उम्मीदवार नारायण चौधरी ने कथित तौर पर सात पार्षदों के साथ पार्टी से अलग होकर एक नया गुट बना लिया है और कांग्रेस को समर्थन दिया है. चर्चा चल रही है कि कांग्रेस का समर्थन करने वाले इस आठ सदस्यों के समूह में से एक मेयर बन सकता है.
इसी बीच, भिवंडी कांग्रेस अध्यक्ष ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी को पत्र लिखकर प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल पर पार्टी की मूल इकाई के साथ बने रहने के बजाय, कांग्रेस को भाजपा को बेचने के लिए रईस शेख (सपा से) की मदद लेने का आरोप लगाया है.
46 है बहुमत का आंकड़ा
कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने बुधवार को कहा कि कांग्रेस और शरद पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) गठबंधन ने भिवंडी सेक्युलर फ्रंट (बीएसएफ) के समर्थन से 90 सदस्यीय निकाय में 46 के बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया हैं. भिवंडी सेक्युलर फ्रंट (बीएसएफ) भाजपा से अलग हुए पार्षदों द्वारा गठित किया गया है. उन्होंने कहा, 'नौ पार्षदों ने हमें समर्थन देने का फैसला किया है.' उन्होंने कहा कि भाजपा और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के बीच मतभेद पैदा हो गए थे. समाजवादी पार्टी ने शिवसेना को समर्थन दिया था.
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किसके साथ कितनी सीटें
पिछले महीने हुए भिवंडी-निजामपुर नगर निगम चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी कांग्रेस अब अपना महापौर और उप-महापौर बनाने के लिए तैयार दिख रही है. इस चुनाव में कांग्रेस को सर्वाधिक 30 सीटें मिली. उसके बाद भाजपा (22), शिवसेना (12), राकांपा-एसपी (12), समाजवादी पार्टी (6), कोणार्क विकास अघाड़ी (4) और भिवंडी विकास अघाड़ी (3) का स्थान रहा. एक निर्दलीय उम्मीदवार ने भी जीत दर्ज की थी.
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