Mob Justice Against Woman in MP: एक तरफ देश में महिलाओं को सशक्त बनाने और उनके सम्मान की बात हो रही है, तो दूसरी तरफ मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के बालावास से सामने आई एक घटना ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है. यहां एक महिला को कथित आरोपों के आधार पर सरेआम अपमानित किया गया. महिला के कंधों पर उसके ही पति को बैठाकर पूरे गांव में घुमाया गया और बाद में उसका मुंडन कर दिया गया. इस अमानवीय कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इस घटना ने समाज के भीड़तंत्र और महिलाओं की गरिमा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मध्य प्रदेश के झाबुआ से NDTV के सचिन जोशी की रिपोर्ट.
वायरल वीडियो ने उजागर की सामाजिक संवेदनहीनता
झाबुआ जिले के काकनवानी थाना क्षेत्र के बालावास गांव से सामने आए इस वायरल वीडियो ने समाज की संवेदनहीनता को उजागर किया है. बताया जा रहा है कि महिला पर किसी अन्य व्यक्ति के साथ भागने का आरोप लगाया गया था. बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के, महिला के पति और गांव के कुछ लोगों ने मिलकर उसे सरेआम अपमानित करने का फैसला ले लिया. यह फैसला किसी पंचायत या न्यायिक व्यवस्था का नहीं, बल्कि भीड़ के दबाव में लिया गया बताया जा रहा है.

Mob Justice: महिला के साथ अमानवीय व्यवहार
कंधों पर पति को बैठाकर गांव में घुमाया
आरोप है कि महिला को मजबूरन अपने कंधों पर पति को बैठाकर पूरे गांव में घुमाया गया. इस दौरान उसके साथ मारपीट भी की गई. यह दृश्य देखने वालों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए शर्मनाक है. बताया जा रहा है कि गांव में मौजूद कई लोग इस पूरी घटना के दौरान तमाशबीन बने रहे, जबकि कुछ लोगों ने इस अमानवीय कृत्य का समर्थन भी किया.
मुंडन कर दी गई अमानवीय सजा
सरेआम अपमानित करने के बाद महिला के बाल काटकर उसका मुंडन भी कर दिया गया. यह कृत्य न केवल महिला के आत्मसम्मान पर हमला है, बल्कि सामाजिक अपराध की श्रेणी में आता है. विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं महिलाओं के खिलाफ हिंसा और सामाजिक असमानता को दर्शाती हैं, जो आज भी कई इलाकों में मौजूद है.
भीड़तंत्र ने ले ली कानून की जगह
इस पूरी घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या समाज में कानून का डर खत्म हो चुका है. कथित आरोपों की जांच करना पुलिस और न्यायपालिका का काम है, लेकिन यहां भीड़तंत्र ने खुद ही फैसला सुनाया और सजा भी दे दी. यह स्थिति बेहद चिंताजनक मानी जा रही है.
पुलिस कार्रवाई की सूचना, चार लोग गिरफ्तार
हालांकि इस मामले में पुलिस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन सूत्रों के अनुसार वायरल वीडियो सामने आने के बाद चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है और मामले की जांच की जा रही है. पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना कब की है और इसमें और कौन‑कौन लोग शामिल थे.
सोशल मीडिया पर आक्रोश, सवालों के घेरे में समाज
वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर इस घटना को लेकर आक्रोश देखने को मिल रहा है. लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या आज भी महिलाओं की गरिमा सुरक्षित है. यह घटना न केवल प्रशासन और पुलिस व्यवस्था, बल्कि समाज की सोच को भी कटघरे में खड़ा करती है.
नारी सम्मान पर फिर लगा सवाल
बालावास की यह घटना एक बार फिर सोचने पर मजबूर करती है कि महिला सशक्तिकरण और बराबरी की बातें सिर्फ कागजों तक सीमित हैं या जमीनी स्तर पर भी लागू हो पा रही हैं. जब तक ऐसी घटनाओं पर सख्त और त्वरित कार्रवाई नहीं होती, तब तक महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान पर सवाल उठते रहेंगे.
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