उज्जैन: राम मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी के बाद मध्यप्रदेश के उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में व्यवस्था सख्त की गई है. अब यहां श्रद्धालुओं द्वारा दान किए जाने वाले सोने-चांदी के आभूषणों की जांच आधुनिक मशीन से की जाएगी. मंदिर प्रबंध समिति ने दान प्रक्रिया में पारदर्शिता रखने के लिए करीब 15 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक कैरेटोमीटर मशीन मंगाई है. सोमवार 20 जुलाई से दान में आने वाले सभी आभूषणों की जांच इसी मशीन से की जाएगी.
महाकाल मंदिर की उप प्रशासक सिम्मी यादव ने बताया कि मशीन सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड से खरीदकर महाराष्ट्र से लाई गई है. मशीन के लिए मंदिर परिसर में विशेष एसी कक्ष तैयार किया जा रहा है. इसके शुरू होते ही दान में मिलने वाले सोने-चांदी के आभूषणों की जांच चंद मिनट में की जा सकेगी. उन्होंने बताया कि अब तक मंदिर में भक्तों द्वारा दान किए गए आभूषणों को सुरक्षित रखने के बाद अधिकृत सुनारों की समिति से उनकी गुणवत्ता की जांच करवाई जाती थी. इस प्रक्रिया में समय लगता था. नई मशीन आने के बाद दानदाता के सामने ही आभूषण की शुद्धता, कैरेट और उसमें मौजूद अन्य धातुओं की जानकारी तुरंत उपलब्ध हो जाएगी.

ujjain mahakaleshwar temple: अब तक सुनार करते थे आभूषणों की जांच.
मशीन चंद मिनट में बता देगी कितना खरा है सोना-चांदी
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क्यों लगाई जा रही कैरेटोमीटर मशीन?
बता दें कि अयोध्या राम मंदिर मे चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद देश के सभी प्रमुख मंदिरों में दान की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं. महाकाल मंदिर में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु सोने-चांदी के आभूषण और अन्य बहुमूल्य वस्तुएं दान करते हैं. ऐसे में यहां भी चोरी की आशंका जताई जा रही थी, जिसके चलते मंदिर समिति की ओर से यह कमद उठाया गया है.
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