- उज्जैन की हेमलता सूर्यवंशी ने शिप्रा नदी में डूबती किशोरी को बिना तैरना जाने तुरंत बचाया था.
- मई में पंचकोशी यात्रा के दौरान रामघाट पर डूबती किशोरी को हेमलता ने साहसिक कार्रवाई से सुरक्षित निकाला था.
- हेमलता को स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति भवन में आयोजित एट होम कार्यक्रम में शामिल होने का विशेष निमंत्रण मिला.
कहते हैं कि सच्चा साहस वही होता है, जब कोई व्यक्ति अपनी जान की परवाह किए बिना दूसरों की मदद के लिए आगे बढ़े. उज्जैन की रहने वाली हेमलता सूर्यवंशी ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया. शिप्रा नदी में डूब रही एक किशोरी को बचाने के लिए उन्होंने बिना एक पल गंवाए नदी में छलांग लगा दी, जबकि उन्हें खुद तैरना नहीं आता था. उनकी बहादुरी और सूझबूझ के कारण एक मासूम की जान बच गई. अब इसी साहसिक कार्य के लिए उन्हें देश के सर्वोच्च मंचों में से एक राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले 'एट होम' कार्यक्रम में शामिल होने का विशेष निमंत्रण मिला है.
डूबती किशोरी को बचाकर दिखाई बहादुरी
यह घटना इसी वर्ष मई माह की है. पंचकोशी यात्रा के दौरान रामघाट पर स्नान करते समय 14 वर्षीय एक किशोरी का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चली गई. देखते ही देखते किशोरी डूबने लगी. घाट पर मौजूद 'युवा आपदा मित्र' हेमलता सूर्यवंशी ने स्थिति को गंभीर होते देखा तो बिना समय गंवाए उसकी मदद के लिए आगे बढ़ीं. उन्होंने साहस और समझदारी का परिचय देते हुए किशोरी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
राष्ट्रपति भवन से मिला विशेष आमंत्रण
हेमलता के इस साहसिक कार्य की सराहना अब राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है. स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित 'एट होम' कार्यक्रम में शामिल होने के लिए उन्हें विशेष आमंत्रण भेजा है. हेमलता इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बुधवार को दिल्ली रवाना होंगी. कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मौजूदगी में देशभर से चुनिंदा लोगों को आमंत्रित किया जाता है, जिन्होंने समाज के लिए प्रेरणादायक कार्य किए हैं.

राष्ट्पति भवन से आया आमंत्रण.
तैरना नहीं आता था, फिर भी नदी में लगा दी छलांग
हेमलता बताती हैं कि उन्होंने 10 से 17 मार्च तक होमगार्ड के सहयोग से आयोजित सात दिवसीय 'युवा आपदा मित्र' प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लिया था. प्रशिक्षण के दौरान उन्हें आपदा प्रबंधन और बचाव के तरीके सिखाए थे. हालांकि उन्हें पूरी तरह तैरना नहीं आता था, लेकिन जब उन्होंने किशोरी को डूबते देखा तो डरने की बजाय तुरंत मदद का फैसला किया. उस समय वे लाइफ जैकेट पहनकर ड्यूटी पर तैनात थीं. प्रशिक्षण में सीखी गई तकनीकों और मौके पर लिए गए त्वरित निर्णय ने उन्हें यह साहस दिया.
प्रशिक्षण की सीख आई काम
हेमलता का कहना है कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें आपात स्थिति में धैर्य बनाए रखने और सही तरीके से बचाव कार्य करने की जानकारी दी थी. यही सीख उस दिन उनके काम आई. यदि उन्होंने समय पर फैसला नहीं लिया होता, तो एक बड़ी दुर्घटना हो सकती थी. उनकी सतर्कता और हिम्मत की वजह से किशोरी की जान बच सकी.

सब-इंस्पेक्टर बनकर करना चाहती हैं देश सेवा
फिलहाल हेमलता प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं. उनका सपना पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर बनकर देश और समाज की सेवा करने का है. वे भविष्य में भी लोगों की मदद करने और सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं. आगामी सिंहस्थ मेले में भी वे 'आपदा मित्र' के रूप में अपनी सेवाएं देने की इच्छा जता चुकी हैं.
हेमलता ने बढ़ाया उज्जैन का मान
होमगार्ड जिला कमांडेंट संतोष जाट ने बताया कि केंद्र सरकार की युवा आपदा मित्र योजना के तहत पिछले दो वर्षों में करीब 1100 युवाओं को प्रशिक्षण दिया. इनमें हेमलता सूर्यवंशी भी शामिल हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन से मिला यह निमंत्रण पूरे जिले के लिए गर्व की बात है. हेमलता मेहनती, जिम्मेदार और कर्तव्यनिष्ठ युवती हैं, जिन्होंने अपने साहसिक कार्य से उज्जैन का नाम रोशन किया है.
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