Barse Deva Surrender: माओवाद का सबसे बड़ा 'सैन्य रणनीतिकार' बदसे सुक्का उर्फ देवा पुलिस के हत्थे चढ़ गया है. तेलंगाना में प्रतिबंधित CPI (माओवादी) संगठन के लिए इसे अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है. पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (PLGA) बटालियन कमांडर बदसे सुक्का उर्फ देवा और तेलंगाना स्टेट कमेटी के शीर्ष कमांडरों समेत 18 भूमिगत माओवादियों ने तेलंगाना पुलिस के सामने 3 जनवरी 2026 को आत्मसमर्पण कर दिया है. देवा के सरेंडर के साथ ही उसके पास से इजरायली-USA के हथियारों का जखीरा भी बरामद हुआ है.
75 लाख का इनामी PLGA कमांडर देवा सरेंडर
बड़ा इनाम और बड़ी मछली: पीएलजीए कमांडर देवा पर एनआईए और कई राज्यों का कुल 75 लाख रुपये का इनाम था. वह दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी का कद्दावर सदस्य था.
संगठनात्मक पतन: देवा के साथ राज्य समिति के सदस्य कंकनाला राजी रेड्डी ने भी सरेंडर किया. अब पूरी तेलंगाना राज्य समिति में सचिव दामोदर के रूप में केवल एक शीर्ष नेता शेष है.
विदेशी हथियारों का जखीरा: सरेंडर के दौरान 48 हथियार और 2,200 राउंड गोलियां बरामद हुईं. इसमें इजरायल निर्मित 'टेवर' और अमेरिका निर्मित 'कोल्ट' राइफलें शामिल हैं, जो आमतौर पर विशेष बलों के पास होती हैं.
रणनीतिक झटका: देवा को सैन्य रणनीति का विशेषज्ञ माना जाता था, जिसने सुरक्षा बलों के हमलों से कैडरों को बचाने के लिए पीएलजीए को पुनर्गठित किया था.
शांति की अपील: डीजीपी शिवधर रेड्डी ने शेष कैडरों से हिंसा छोड़ने और सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाने की अपील की है.
#WATCH | Hyderabad, Telangana: 20 CPI Maoist cadres, including PLGA battalion commander Deva, surrendered before the police pic.twitter.com/zDulhWS6CL
— ANI (@ANI) January 3, 2026
हिड़मा की मौत के बाद देवा ने संभाली कमान
पुव्वार्थी गांव का रहने वाला देवा, कुख्यात माओवादी नेता मदावी हिड़मा का समकालीन था. वह दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी (DKSZCM) का वरिष्ठ सदस्य था. देवा पर विभिन्न राज्यों और NIA की ओर से कुल 75 लाख रुपये का इनाम घोषित था. सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हिड़मा की मौत के बाद देवा ही PLGA की सैन्य रणनीति की कमान संभाले हुए था.
तेलंगाना स्टेट कमेटी लगभग खत्म
देवा के सरेंडर के साथ ही तेलंगाना स्टेट कमेटी (TSC) को भी बड़ा झटका लगा है. स्टेट कमेटी मेंबर कंकनाला राजी रेड्डी उर्फ वेंकटेश के सरेंडर के बाद अब राज्य इकाई में सिर्फ एक SCM, टीएससी सचिव दामोदर, के सक्रिय होने की बात सामने आ रही है.
48 हथियार, 2200 से ज्यादा गोलियां बरामद
सरेंडर करने वाले 18 माओवादियों के साथ एक बड़ा हथियार जखीरा भी बरामद किया गया है. पुलिस के अनुसार कुल 48 हथियार और 2200 से अधिक राउंड गोलियां जब्त की गई हैं. इसमें दो लाइट मशीन गन (LMG), अमेरिका निर्मित कोल्ट राइफल और इजरायल निर्मित टेवर असॉल्ट राइफल शामिल हैं.
झीरम घाटी हमले का मास्टरमाइंड था देवा
अधिकारियों के मुताबिक देवा को PLGA का ‘परफेक्ट स्ट्रैटेजिस्ट' माना जाता था. वह कई बड़े घातक हमलों की योजना में शामिल रहा, जिनमें झीरम घाटी हमला भी शामिल है, जिसमें कई वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं की मौत हुई थी. देवा ने इससे पहले कंधमाल-गंजाम-बौध (KGB) क्षेत्र में PLGA की संरचना को दोबारा संगठित कर सुरक्षा बलों की कार्रवाई से बचाने में अहम भूमिका निभाई थी.
‘एलीट सैन्य विंग ढह गया': DGP
तेलंगाना DGP शिवधर रेड्डी ने कहा कि राज्य में माओवादी नेटवर्क लगभग समाप्ति की ओर है. “हमें लगता था कि तेलंगाना से जुड़े करीब 53 माओवादी सक्रिय हैं. अब यह संख्या घटकर 27 रह गई है,” उन्होंने कहा कि “सबसे अहम बात यह है कि माओवादी पार्टी का सबसे एलीट सैन्य विंग ढह चुका है. जिसकी संख्या कभी 400 से ज्यादा थी, वह अब 60 से भी कम रह गई है. कमांडर खुद पूरे हथियारों के साथ सरेंडर कर चुका है. यह निश्चित रूप से अंत की शुरुआत है.” राज्य सरकार की व्यापक पुनर्वास नीति के तहत सरेंडर करने वाले माओवादियों को सुरक्षा, आर्थिक सहायता और समाज में सम्मानजनक पुनर्वास की गारंटी दी जा रही है.
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