Singrauli Three Murders: मध्य प्रदेश का सिंगरौली… एक ऐसा जिला जहां बड़े-बड़े पावर प्लांट हैं, जहां आधुनिकता की रफ्तार दिखाई देती है. लेकिन इसी जिले के कुछ गांवों में आज भी अंधविश्वास का अंधेरा पसरा हुआ है. यहां पिछले एक महीने के अंदर तीन अलग-अलग गांवों में तीन लोगों की हत्या कर दी गई और इन तीनों हत्याओं के पीछे एक ही वजह बताई जा रही है- जादू-टोने का शक.
किसी को डायन बताया गया... किसी पर टोना-टोटका करने का आरोप लगाया गया और फिर आरोपियों ने कानून से पहले ही मौत का फैसला सुना दिया. आखिर क्यों 21वीं सदी में भी अंधविश्वास इतना खतरनाक हो जाता है? और एक अफवाह किसी की जिंदगी छीन लेती है?
सिंगरौली में अंधविश्वास हावी
सिंगरौली के कई गांवों में आज भी लोग बीमारी और परेशानियों को अलौकिक शक्तियों से जोड़कर देखते हैं. अगर कोई अचानक बीमार पड़ जाए, अगर किसी की फसल खराब हो जाए… अगर घर में लगातार परेशानियां आने लगे तो कई बार लोग उसका कारण जादू-टोना मान लेते हैं और यही सोच
कभी-कभी खतरनाक रूप ले लेती है.
एक महीने में तीन लोगों की हत्या
पहली घटना: सिंगरौली के जियावन थाना क्षेत्र के लोहरा एक छोटे से गांव में हुई. गांव में कुछ दिनों से अजीब-सी चर्चा चल रही थी. लोगों का कहना था
कि गांव का ही एक व्यक्ति टोना-टोटका करता है. कुछ लोग दावा करते थे कि उन्होंने उसे रात के समय अजीब हरकतें करते देखा है. हालांकि इन बातों का कोई सबूत नहीं था…लेकिन अफवाह धीरे-धीरे फैलती चली गई.
जादू-टोना का शक
एक दिन लोहरा गांव के आदिवासी 22 वर्षीय युवक छत्रपति सिंह को शक हुआ कि उसके पड़ोसियों ने उसकी पत्नी पर जादू-टोना किया है, जिस वजह से उसकी संतान नही हो रही है. इसी शक से 12 फरवरी 2026 की रात करीब 12 बजे अपने घर से कुल्हाड़ी निकाला और फिर निकल दिया पड़ोसियों के घर जिन पर उसे शक था जादू टोने करने का, रात में जगाया. इसके बाद कुहाड़ी का भय दिखाकर अपने घर ले आया और घर के आंगन में उसने केवल सिंह (65 वर्ष) और फूलमती सिंह (50 वर्ष) की कुल्हाड़ी से काटकर निर्मम हत्या कर दी.
गांव के लोगों के सामने कुल्हाड़ी से काटकर दो की हत्या
इस घटना को जैसे ही अंजाम दिया जा रहा था वैसे ही चीख पुकार मच गई, जिसे सुनकर गांव के कुछ लोग बचाने पहुंचे, लेकिन किसी की हिम्मत नहीं हुई कि उसे रोक सके. गांव के लोगों के सामने ही छत्रपति ने दो लोगों की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी. वारदात के बाद हत्यारे ने खुद को घर में कैद कर लिया था, जिसे पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद गिरफ्तार किया. महज दो साल पहले शादीशुदा छत्रपति सिंह की इस खौफनाक करतूत से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया.
गांव में पसरा सन्नाटा
सिंगरौली के इस इलाके में अंधविश्वास ने ऐसा खतरनाक रूप ले लिया कि लोगों ने कानून को ही भुला दिया. यहां जादू-टोने के शक ने लोगों को इतना भड़का दिया कि आरोपी ने खुद ही फैसला सुना दिया और वह फैसला था दो लोगों की मौत.
गांव में तनाव बढ़ चुका था. फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, लेकिन गांव में सन्नाटा छा गया. शायद किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं होगा.
दूसरी घटना: पहली घटना के कुछ दिनों बाद उसी गांव के समीप एक और गांव में अफवाह फैलने लगी. इस बार निशाना बना एक आदमी. कुछ लोगों ने कहना शुरू किया कि वह जादू टोना करता है. लोगों का आरोप था कि उसके कारण गांव में बीमारी फैल रही है. शुरुआत में यह सिर्फ फुसफुसाहट थी, लेकिन धीरे-धीरे यह अफवाह बन गई. पहली घटना के ठीक तीन दिन बाद ही अन्तरवां गांव में 55 वर्षीय एक अधेड़ ने टांगी (कुल्हाड़ी जैसा हथियार) और तीर‑धनुष लेकर एक व्यक्ति को खुलेआम धमकाया. अधेड़ ने मारने की धमकी भी दी. गनीमत रही कि पुलिस समय पर पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.
तीसरी घटना: अंधविश्वास का यह खतरनाक खेल अभी खत्म नहीं हुआ था. कुछ ही दिनों बाद एक और गांव से एक और सनसनीखेज खबर आई. एक 75 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति पर जादू-टोना करने का आरोप लगाया गया. लोगों का कहना था कि उसके कारण गांव में लगातार परेशानियां हो रही हैं और फिर…वही कहानी एक बार फिर दोहराई गई.
जादू-टोने के शक में बुजुर्ग को उतारा मौत के घाट
अंधविश्वास में सिंगरौली जिले के बरगवां थाना क्षेत्र में जादू-टोना के शक में 75 वर्षीय बुजुर्ग की हत्या कर दी गई. पुलिस ने गुरुवार को इस मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपित अभी फरार है. गिरफ्तार आरोपितों की निशानदेही पर पुलिस ने शव भी बरामद कर लिया है. मृतक की पहचान थाना बरगवां के ग्राम उज्जैनी निवासी जोखन उर्फ सूरे कोल (75) के रूप में हुई है. पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि उन्हें शक था कि जोखन कोल जादू-टोना करता है और उसी के कारण वृजेन्द्र यादव की तबीयत खराब रहती है. इसी संदेह में तीनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची. 19 फरवरी की रात आरोपितों ने गांव के एक व्यक्ति की बोलेरो से झाड़-फूंक कराने के बहाने बुजुर्ग को घर से बुलाया और सीधी की ओर ले गए.
दो आरोपी गिरफ्तार
रास्ते में उसे शराब पिलाकर बेहोश कर दिया और रामपुर नैकिन-बघवार मार्ग से छुहिया घाटी के जंगल में ले जाकर गला दबाकर हत्या कर दी. हत्या के बाद आरोपियों ने शव को सड़क किनारे पुलिया के नीचे छिपा दिया और मृतक के जूते, मोबाइल व कपड़े जंगल में फेंककर वापस लौट आए. 11 मार्च को पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर एफएसएल टीम के साथ छुहिया घाटी से शव बरामद किया. शव काफी सड़-गल जाने के कारण परिजनों ने कपड़ों के आधार पर पहचान की. पुलिस ने मौके से मृतक का जूता और एक नीले रंग की इनर भी बरामद की है. पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों को गुरुवार को न्यायालय में पेश कर जिला जेल भेज दिया है, जबकि फरार आरोपी की तलाश जारी है.
लगातार तीन हत्याओं के बाद पुलिस हरकत में आई. जांच शुरू हुई. गांव-गांव जाकर लोगों से पूछताछ की गई और धीरे-धीरे पूरी सच्चाई सामने आने लगी. पुलिस ने अलग-अलग मामलों में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया.
सिंगरौली की ये तीन घटनाएं सिर्फ अपराध की कहानी नहीं हैं. ये उस सोच की कहानी हैं जो आज भी समाज के एक हिस्से में जिंदा है. एक ऐसी सोच
जो शक को सच मान लेती है और अफवाह को फैसला बना देती है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं