Shivraj Singh Defamation Case: जबलपुर की एमपी–एमएलए अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, सांसद वीडी शर्मा और विधायक भूपेंद्र सिंह को बड़ी राहत दी है. राज्यसभा सदस्य विवेक कृष्ण तन्खा द्वारा मानहानि का प्रकरण वापस लेने के बाद कोर्ट ने तीनों नेताओं को दोषमुक्त कर दिया. यह मामला कई सालों से चल रहा था और अब तन्खा के निर्णय के बाद कानूनी विवाद समाप्त हो गया.
प्रकरण वापस लेते ही अदालत ने किया दोषमुक्त
सुनवाई के दौरान विवेक कृष्ण तन्खा की ओर से अधिवक्ता सोम मिश्रा ने अदालत को जानकारी दी कि परिवादी अब यह मामला आगे नहीं बढ़ाना चाहते. बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता श्याम विश्वकर्मा उपस्थित थे. अदालत ने आवेदन स्वीकार करते हुए आपराधिक मानहानि का प्रकरण समाप्त कर दिया. यह वही मामला है, जिसमें 20 जनवरी 2024 को कोर्ट ने शिवराज सिंह चौहान और अन्य के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया था.
ओबीसी आरक्षण विवाद से जुड़ा था मामला
यह विवाद वर्ष 2021 के पंचायत चुनावों के दौरान ओबीसी आरक्षण को लेकर उत्पन्न हुआ था. उस समय विवेक तन्खा सुप्रीम कोर्ट में इस मुद्दे पर पक्ष रख रहे थे. इसी दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा दिए गए कुछ बयानों पर तन्खा ने आपत्ति जताई और कहा कि इससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा. इसी आधार पर उन्होंने सिविल और आपराधिक दोनों मानहानि के मामले दायर किए थे. सिविल प्रकरण में उन्होंने 10 करोड़ रुपए के हर्जाने की मांग भी रखी थी.
मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था
विवाद आगे बढ़ते‑बढ़ते सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया. वहां न्यायालय ने दोनों पक्षों को बातचीत के जरिए समाधान निकालने की सलाह दी. इसके बाद दिल्ली में संसद परिसर में दोनों के बीच मुलाकात हुई और बातचीत के बाद तन्खा ने सभी मानहानि मामलों को वापस लेने का फैसला कर लिया. सुप्रीम कोर्ट ने इस समझौते को रिकॉर्ड पर लेते हुए प्रकरण समाप्त करने के आदेश दिए थे.
जबलपुर कोर्ट ने भी दिया अंतिम निर्णय
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप एमपी–एमएलए स्पेशल कोर्ट ने भी मानहानि का प्रकरण समाप्त करते हुए शिवराज सिंह चौहान, वीडी शर्मा और भूपेंद्र सिंह को दोषमुक्त घोषित कर दिया. इसके साथ ही यह विवाद पूरी तरह समाप्त हो गया.
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