कभी-कभी भरोसा ही सबसे बड़ी पूंजी होता है, लेकिन जब इसी भरोसे का इस्तेमाल किसी को ठगने के लिए किया जाए तो नुकसान सिर्फ पैसों का नहीं, बल्कि जिंदगी भर के विश्वास का भी होता है. ऐसा ही एक मामला एमपी के रीवा से सामने आया है, जहां गाजियाबाद की एक महिला ने आरोप लगाया है कि खुद को पीएमओ में पदस्थ अधिकारी, लेबर कमिश्नर और बड़े नेताओं का करीबी बताने वाले एक व्यक्ति ने उसके परिवार को झांसे में लेकर करीब 38 लाख रुपये ठग लिए.
महिला का दावा है कि पैसे वापस नहीं मिलने और कारोबार ठप होने के कारण उसके पति गहरे तनाव में चले गए, जिसके बाद उनकी मौत हो गई. अब महिला न्याय की उम्मीद लेकर रीवा पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंची है.
पड़ोसियों के जरिए हुई पहचान
गाजियाबाद निवासी माया त्यागी और उनके पति अच्छत त्यागी पाइप सप्लाई का कारोबार करते थे. उनका एक बड़ा भुगतान आगरा के एक ठेकेदार के पास बकाया था. महिला के अनुसार वर्ष 2020 में उनके पड़ोसियों ने उनकी मुलाकात रीवा निवासी अभय राज सिंह से कराई थी. पहली मुलाकात में ही अभय ने खुद को प्रभावशाली अधिकारी बताते हुए बड़े-बड़े दावे किए.
खुद को पीएमओ अधिकारी और पत्नी को एसडीओ बताया
माया त्यागी के मुताबिक, अभय राज सिंह ने दावा किया कि वह पहले रीवा में लेबर कमिश्नर रह चुका है और वर्तमान में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में कार्यरत है. इतना ही नहीं, उसने अपनी पत्नी को वन विभाग में एसडीओ पद पर पदस्थ बताया. महिला का आरोप है कि अभय ने अपनी पहुंच और प्रभाव का ऐसा चित्र पेश किया कि पूरा परिवार उसके झांसे में आ गया.
केंद्रीय मंत्रियों से रिश्तेदारी का दावा
महिला का कहना है कि अभय राज सिंह ने यह भी दावा किया था कि केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर उसके रिश्तेदार हैं. इसके अलावा उसने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह से भी करीबी संबंध होने की बात कही. इन दावों के आधार पर उसने भरोसा दिलाया कि वह उनके बकाया पैसे आसानी से दिलवा सकता है और सरकारी काम भी उपलब्ध करा सकता है.
बकाया रकम दिलाने के नाम पर मांगे रुपये
माया त्यागी के अनुसार, अभय राज सिंह ने आगरा के ठेकेदार से बकाया राशि निकलवाने का भरोसा दिया. इसके लिए उसने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाने तथा विभिन्न स्तरों पर खर्च होने की बात कहते हुए पैसे मांगे. महिला का आरोप है कि पहले 15 लाख रुपये लिए और बाद में अलग-अलग बहानों से कुल 37 लाख 80 हजार रुपये ले लिए.
सरकारी योजना में काम दिलाने का भी झांसा
महिला ने आरोप लगाया कि अभय राज सिंह ने केवल बकाया भुगतान दिलाने का वादा नहीं किया, बल्कि एक सरकारी योजना में बड़ा काम दिलाने का भी भरोसा दिया. उसने कथित तौर पर कहा कि नारी निकेतन योजना से जुड़े प्रोजेक्ट में निवेश करने पर अच्छा फायदा मिलेगा. इसी भरोसे में दंपती लगातार पैसे देते रहे, लेकिन न तो कोई काम मिला और न ही फंसी हुई रकम वापस मिली.
तनाव में आए पति की हो गई मौत
माया त्यागी का कहना है कि समय बीतने के बाद जब उन्हें अपनी रकम वापस नहीं मिली तो उनके पति बेहद तनाव में रहने लगे. परिवार को आर्थिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा. महिला के मुताबिक, लगातार चिंता और सदमे के बीच 15 मई 2021 को उनके पति अच्छत त्यागी की मौत हो गई.
महिला का आरोप है कि पैसे वापस मांगने पर अभय राज सिंह टालमटोल करता रहा. बाद में उसने उनका फोन नंबर भी ब्लॉक कर दिया. हालांकि माया त्यागी का कहना है कि उन्होंने अभय के साथ हुई वीडियो कॉल, चैट और अन्य बातचीत के रिकॉर्ड सुरक्षित रखे हैं. उनके पास साथ में खींची गई तस्वीरें भी मौजूद हैं, जिन्हें वे जांच के दौरान पेश करने को तैयार हैं.
रीवा पुलिस से कार्रवाई की मांग
गाजियाबाद से रीवा पहुंची माया त्यागी ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत देकर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और जिम्मेदार लोगों पर उचित कानूनी कार्रवाई की जा सके. फिलहाल पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की पड़ताल कर रही है.
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