- नर्मदा नदी के तट पर बसे मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में जल क्रांति.
- 63 अमृत सरोवर तालाब से करीब 70 करोड़ लीटर बारिश का पानी बचाया जा रहा है.
- इससे जल संकट से जूझ रहे गांव में भूजल स्तर बढ़ाने में जबरदस्त सफलता मिली.
नर्मदा नदी के तट पर बसे होने के बावजूद मध्य प्रदेश का नरसिंहपुर जिला अंधाधुंध बोरवेल खनन के चलते गिरते जलस्तर से जूझने लगा. सबसे ज्यादा समस्या वनांचल के पथरीली जमीन वाले गांव में थी. लेकिन, बारिश के पानी को सहेजने की एक बेजोड़ मुहिम ने यहां की तस्वीर बदल दी. जिले में बनाए गए 63 तालाब यानी 'अमृत सरोवर' से करीब 70 करोड़ लीटर (7 लाख घनमीटर) बारिश का पानी बचाया जा रहा है, जिससे भूजल स्तर को बढ़ाने में जबरदस्त सफलता मिल रही है.
पीएम मोदी की तारीफ के बाद जेरा गांव पहुंचा NDTV
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार 26 जुलाई 2026 को 'मन की बात' कार्यक्रम में जल संरक्षण को लेकर उठाए गए कृषि प्रधान जिले नरसिंहपुर के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने "कैच द रेन" अभियान के तहत पानी बचाने की अपील की. इससे नरसिंहपुर का यह मॉडल देशभर में चर्चा में आया गया. ऐसे में NDTV की टीम हकीकत जानने के लिए जिले के आदिवासी जेरा गांव पहुंची. जहां कई अमृत सरोवर तालाब खोदे गए हैं, जिनमें बारिश का पानी भरा है.
इसका नतीजा यह है कि जहां कभी कोदो-कुटकी की खेती हुआ करती थी अब वहां गेहूं और चना समेत कोई न कोई फसल खेतों में 12 महीनों लहलहती हैं. पढ़िए, आशीष जैन द्वारा की गई NDTV की ये खास ग्राउंड रिपोर्ट...

63 Amrit Sarovar Saving 700 Million Liters of Water in Narsinghpr.
गर्मी में होती थी पानी की समस्या
नरसिंहपुर जिले के आदिवासी अंचल के गांव में पथरीली जमीन होने के चलते जल संकट एक बड़ी समस्या के रूप में उभर रहा था. मुंगवानी से लगे कई गांव गर्मी में भीषण गर्मी के दौर में पानी की बहुत बड़ी समस्या हो जाती थी. इसके बाद शुरू हुई बदलाव की कहानी जिसे सफल बनाने के लिए समाज, सरकार और प्रशासन कदम से कदम मिलाकर चले.
तस्वीर नहीं, तकदीर भी बदली

Jera Village leads Narsinghpur Water Revolution 70 Crore Liters Saved.
अब गेहूं और चना की खेती कर रहे किसान
ग्रामीण बताते हैं कि इन तालाबों का फायदा यह हुआ कि जो ट्यूबवेल पहले तीन-चार महीने में चलते थे, उनमें लंबे समय तक पानी का स्तर बना रहा. कुंओं में भी ऐसा ही सुधार देखने को मिला. जिससे इन गांव में खेती करना आसान हो गया. जिन गांव में पहले सिर्फ सामा और कोदो-कुटकी की खेती होती थी, वहां अब तालाब यानी अमृत सरोवरों में पानी आने के कारण गेहूं और चना समेत अन्य फसलों की पैदावार भी होने लगी.
Narsinghpur, Madhya Pradesh: Prime Minister Narendra Modi praised the district's water conservation efforts in his Mann Ki Baat address
— IANS (@ians_india) July 26, 2026
Yogesh Pushp, Project Officer, District Panchayat, Narsinghpur, says, "It is a matter of great pride for the district that the Prime Minister… pic.twitter.com/o4UDZRfDhc
63 तालाबों में बारिश का पानी
NDTV से बात करते हुए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और अपर कलेक्टर गजेंद्र नागेश बताते हैं कि नरसिंहपुर में ऐसे 63 अमृत सरोवर तालाब हैं जिनमें बारिश का पानी संग्रहित होता है, जिनसे जिले के कई गांव का जल संकट दूर करता है.

Transforming Narsinghpur How 63 Amrit Sarovar Ponds are Combating Water Scarcity.
60-70 करोड़ लीटर पानी हो रहा संग्रहित

Narsinghpur Water Success 63 Ponds, 70 Crore Liters of Rain Sunk
अमृत सरोवर तालाब जल सरंक्षण में मजबूत कड़ी
नरसिंहपुर जिला पंचायत के परियोजना अधिकारी योगेश पुष्प NDTV से बातचीत में कहते हैं कि बरसात का पानी बचाने की यह सफलता किसी योजना के बेहतर क्रियान्वयन का नतीजा ही नहीं, सही स्थान के चयन से लेकर मजबूत निर्माण कार्य तक का नतीजा है. सभी के प्रयास से अमृत सरोवर तालाब आज जल संरक्षण की दिशा में मजबूत कड़ी साबित हुए हैं.
ग्रामीणों ने पहली बारिश में बचाया 31 करोड़ लीटर पानी, महज 15 दिन में वॉटर हार्वेस्टिंग कर रचा इतिहास
नरसिंहपुर के सब इंजीनियर कमलेश अग्रवाल ने क्या कहा वीडियो में सुनिए
Narsinghpur, Madhya Pradesh: Prime Minister Narendra Modi praised the district's efforts to conserve Amrit Sarovar ponds under the Catch the Rain campaign in his Mann Ki Baat address
— IANS (@ians_india) July 26, 2026
Narsinghpur Block Sub-Engineer Kamlesh Agrawal says, "The Amrit Sarovar pond is a flagship… pic.twitter.com/MN5ADs2zl0
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