MP Congress Chief Jitu Patwari Press Conference: मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी (PCC Chief Jitu Patwari) ने विजयपुर विधानसभा (Vijaypur Vidhan Sabha) से कांग्रेस उम्मीदवार (Congress Candidate) मुकेश मल्होत्रा का चुनाव शून्य घोषित होने के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि पार्टी इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी. भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पटवारी ने बीजेपी (BJP) पर खरीद‑फरोख्त, राजनीतिक दुरुपयोग और आदिवासी नेताओं के प्रति “घृणित सोच” का आरोप लगाया. वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि "पेड न्यूज मामले में नरोत्तम मिश्रा का प्रकरण आज तक लंबित है, जबकि सामान्यतः ऐसे मामलों में चुनाव शून्य घोषित किया जाता है."
आदिवासी विधायक श्री मुकेश मल्होत्रा जी सामान्य सीट से जीतकर आते हैं तो भाजपा को यह बिल्कुल नागवार गुजरता है।
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) March 10, 2026
हम आज ही माननीय सुप्रीम कोर्ट में इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे और क़ानूनी रूप से कांग्रेस का विधायक बनवाएँगे। pic.twitter.com/JGiJVAybxO
“आदिवासी विधायक की जीत पर सवाल उठाना बीजेपी की मानसिकता”
जीतू पटवारी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि विजयपुर से चुनकर आए एक आदिवासी विधायक को लेकर बीजेपी ने सवाल उठाए और उसकी “औकात” पूछने जैसी टिप्पणी की. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी आदिवासी समुदाय के साथ कुठाराघात कर रही है और उन्हें राजनीतिक रूप से कमजोर करने की कोशिश में है. पटवारी ने आदिवासी सांसदों, विधायकों और बूथ कार्यकर्ताओं से भी अपील की कि वे इस मुद्दे पर पार्टी का साथ दें और देखें कि “कैसे आदिवासियों के अधिकारों पर वार किया जा रहा है.”
यह @narendramodi का नया भारत है:
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) March 10, 2026
- जहाँ भाजपा सदन में हमारे आदिवासी नेता प्रतिपक्ष से उनकी औक़ात पूछती है।
- जहाँ सदन में चुनकर आने वाले आदिवासी विधायक का चुनाव साम, दाम, दंड, भेद लगाकर शून्य करवाया जाता है। pic.twitter.com/c5gfaXzMw6
“फैसला सही नहीं, पर न्यायपालिका पर पूरा भरोसा”
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और वे सुप्रीम कोर्ट में अपनी बात मजबूती से रखेंगे. इस मामले की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तंखा और अन्य वकील करेंगे. पटवारी ने कहा, “मैं न्यायालय का सम्मान करता हूं, लेकिन इस मामले में जो फैसला आया है, वह न्यायपूर्ण नहीं है.”
आज मध्य प्रदेश में दलित और आदिवासियों के खिलाफ पूरी भाजपा एकजुट होकर खड़ी है और जनता द्वारा चुने गए आदिवासी विधायक को हटाकर पूरे आदिवासी समाज का अपमान कर रही है। pic.twitter.com/ASxkiSefEn
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) March 10, 2026
महंगाई और व्यवस्थाओं पर भी बीजेपी को घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जीतू पटवारी ने केंद्र और राज्य सरकार पर कई मोर्चों से हमला बोला. उन्होंने कहा कि देश में बढ़ती महंगाई पर सरकार की कोई नीति नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी को महंगाई नहीं दिखती, लेकिन एक आदिवासी विधायक कैसे चुनकर विधानसभा पहुंच गया, यह उन्हें खटकता है. इंदौर में 35 लोगों की मौत और छिंदवाड़ा में जहरीली सीरप से बच्चों की मौत का मुद्दा उठाते हुए पटवारी ने कहा कि सरकारी लापरवाही ने लोगों की जान ली है.
“वल्लभ भवन दलालों का अड्डा बन गया है”
पटवारी ने भोपाल स्थित बल्लभ भवन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना था कि सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार बढ़ गया है और आम जनता के काम बिना दलालों के नहीं हो रहे. उन्होंने कहा कि मतदाताओं को यह समझना चाहिए कि यह केवल मुकेश मल्होत्रा के खिलाफ नहीं, बल्कि उनकी वोट की अवमानना है.
निर्मला सप्रे केस पर सवाल, किसानों के मुद्दे को लेकर भी हमलावर
कांग्रेस अध्यक्ष ने विधायक निर्मला सप्रे के मामले में भी बीजेपी को घेरा और कहा कि महीनों बीत जाने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी इस मामले को एक कोर्ट से दूसरे कोर्ट तक घुमा रही है. किसानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियाँ किसान विरोधी हैं और ट्रेड डील व वैश्विक दबावों की तलवार किसानों पर लटकी हुई है.
राज्य सरकार के कर्ज और लाडली बहना योजना पर भी निशाना
पटवारी ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार कर्ज ले रही है और मुख्यमंत्री की भूमिका सकारात्मक रूप में नजर नहीं आती. उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में डिग्री बेचने वाले विश्वविद्यालय सक्रिय हो गए हैं और लाडली बहना योजना की राशि भी पूरी नहीं दी जा रही. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार आएगी तो प्रदेश को कर्ज से बाहर निकालेगी और जनता के हितों की रक्षा करेगी.
नेता प्रतिपक्ष ने भी घेरा
विजयपुर से मुकेश मल्होत्रा के चुनाव शून्य होने के मामले पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार न्यायिक प्रक्रियाओं पर दबाव बनाती है. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा अपनी पत्नी की जानकारी न देने और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के आपराधिक प्रकरण की सूचना छिपाने के बावजूद उन्हें अदालतों से राहत मिल चुकी है. सिंघार का आरोप है कि जिन मामलों को लंबा खींचना होता है, उनमें सरकारी वकीलों के माध्यम से तारीख पर तारीख ली जाती है, जबकि कांग्रेस से जुड़े मामलों में दबाव बनाकर त्वरित फैसले लिए जाते हैं. उन्होंने विश्वास जताया कि सुप्रीम कोर्ट में मुकेश मल्होत्रा को न्याय मिलेगा. सिंघार ने यह भी कहा कि पेड न्यूज मामले में नरोत्तम मिश्रा का प्रकरण आज तक लंबित है, जबकि सामान्यतः ऐसे मामलों में चुनाव शून्य घोषित किया जाता है. आदिवासियों के अलग कोड को लेकर उन्होंने कहा कि यह प्रावधान आजादी से पहले से लागू रहा है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
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