मुख्यमंत्री मोहन यादव का एक अलग ही रूप बैतूल में देखने को मिला, जब उन्होंने सूट-बूट छोड़कर खेत में हल संभाल लिया. उन्होंने खुद किसानों के साथ मक्का की बोवनी की और खेती-किसानी को समझने की कोशिश की. इतना ही नहीं सीएम यादव ने बोवनी करने वाला बक्खर भी चलाया. उनका यह अंदाज न सिर्फ किसानों को पसंद आया, बल्कि आसपास के ग्रामीणों के लिए भी यह खास पल बन गया.
कुकरू के खेत में पहुंचे मुख्यमंत्री
रविवार को अपने बैतूल दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कुकरू इलाके में एक किसान के खेत पर पहुंचे. यहां उन्होंने किसान सहादेव गायनी से मुलाकात की और सीधे खेत में जाकर खेती की गतिविधियों को करीब से देखा. मुख्यमंत्री ने खेत में पारंपरिक तरीके से हल चलाया और मक्का की बोवनी भी की. यह नजारा देखते ही ग्रामीण उत्साहित हो गए. मुख्यमंत्री का यह प्रयास किसानों के प्रति सम्मान और उनके मेहनत के प्रति संवेदनशीलता दिखाता है.
किसान से ली खेती की पूरी जानकारी
इस दौरान मुख्यमंत्री ने किसान सहादेव गायनी से खेती-किसानी से जुड़ी कई बातें पूछीं. किसान ने बताया कि उनके पास करीब पांच एकड़ जमीन है और वे इस समय खरीफ सीजन में मक्का की बुवाई कर रहे हैं. डॉ. मोहन यादव ने किसानों से सिंचाई, बीज, उत्पादन और फसल बेचने जैसे अहम मुद्दों पर बातचीत की. उन्होंने यह भी जानने की कोशिश की कि किसानों को किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है.
किसानों को सरकार का भरोसा
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार खेती को लाभकारी बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है. मुख्यमंत्री का यह सरल और सहज अंदाज ग्रामीणों को काफी पसंद आया. खेत में उनके साथ बातचीत और उनका काम करना लोगों के लिए खास अनुभव रहा. ग्रामीणों ने उनका स्वागत किया और इस पहल की सराहना भी की.
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