भगवान शिव को लेकर मौलाना जर्जिस अंसारी के कथित विवादित बयान के विरोध में इंदौर में शनिवार को हिंदू संगठनों का आक्रोश देखने को मिला. बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और कांवड़िए चंदन नगर थाने पहुंचे तथा मौलाना के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया. प्रदर्शन के दौरान महिलाएं और बच्चे भी मौजूद रहे. स्थिति को देखते हुए थाने पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और एहतियात के तौर पर थाने का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया. इस बीच भोपाल समेत प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बयान को लेकर विरोध दर्ज कराया जा रहा है. मामले ने धार्मिक और सामाजिक संगठनों के बीच बहस को तेज कर दिया है.
चंदन नगर थाने पर जुटे प्रदर्शनकारी
मौलाना जर्जिस अंसारी के कथित बयान को लेकर इंदौर में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में चंदन नगर थाने पहुंचे. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि धार्मिक आस्थाओं को आहत करने वाली टिप्पणियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए. प्रदर्शन में कांवड़िए भी शामिल हुए और उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज करने की मांग की. स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई.
सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस अलर्ट
थाने के बाहर बढ़ती भीड़ और संभावित तनाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन सतर्क रहा. अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया और थाने के परिसर में अनावश्यक आवाजाही को सीमित किया. हंगामे की स्थिति को देखते हुए कुछ समय के लिए थाने का मुख्य गेट भी बंद रखा गया. पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की.
कथित वीडियो को लेकर शुरू हुआ विवाद
विवाद की शुरुआत मौलाना जर्जिस अंसारी के एक कथित वीडियो से हुई, जिसके सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद विरोध शुरू हुआ. इससे पहले भी उनके भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए कथित बयान पर विवाद खड़ा हो चुका था. अब भगवान शिव और भगवान ब्रह्मा से संबंधित कथित टिप्पणियों को लेकर विभिन्न संगठनों ने आपत्ति जताई है. विरोध करने वाले संगठनों का कहना है कि ऐसे बयान धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं.
शिवलिंग और ब्रह्मा जी पर टिप्पणी
मौलाना जर्जिस अंसारी के एक कथित भाषण का वीडियो विवाद का विषय बना हुआ है, जिसमें उन्होंने भगवान शिव, ब्रह्मा और शिवलिंग पूजा को लेकर आपत्तिजनक और विवादित टिप्पणी की. भाषण में उन्होंने दावा किया कि ब्रह्मा ने भगवान शिव का "खतना" किया था और इसी से शिवलिंग पूजा की शुरुआत हुई. इसके समर्थन में उन्होंने एक कथित कहानी सुनाई, जिसमें ब्रह्मा और शिव से जुड़ा प्रसंग बताया गया. वीडियो सामने आने के बाद कई हिंदू संगठनों ने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बताते हुए विरोध दर्ज कराया है और मौलाना के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है.
ये रहा वीडियो, भगवान कृष्ण को लेकर दिया था विवादित बयान
भोपाल में भी विरोध के स्वर
मामले को लेकर भोपाल में भी कुछ संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. श्री हिंदू उत्सव समिति और संस्कृति बचाओ मंच ने बयान की निंदा करते हुए कार्रवाई की मांग की है. संगठनों का कहना है कि धार्मिक विषयों पर सार्वजनिक मंचों से की जाने वाली टिप्पणियां सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए इस मामले में उचित कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए.
पुलिस और प्रशासन की नजर
फिलहाल इंदौर पुलिस को मौलाना के खिलाफ कार्रवाई की मांग संबंधी ज्ञापन सौंपे जाने की जानकारी मिली है. पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और प्राप्त शिकायतों का परीक्षण कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि मामले में जो भी शिकायतें और उपलब्ध तथ्य होंगे, उनके आधार पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.
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