Kailash Vijayvargiya Statement: मध्यप्रदेश के शहरी प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के एक सार्वजनिक बयान ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है. रतलाम में एक कार्यक्रम के दौरान दिए गए उनके बयान को लेकर कांग्रेस ने गंभीर आपत्ति जताई है. कांग्रेस का आरोप है कि विजयवर्गीय ने खुद स्वीकार किया है कि उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं, लेकिन चुनाव के समय उन्होंने इनका खुलासा अपने हलफनामे में नहीं किया. इसी आधार पर कांग्रेस ने चुनाव आयोग से शिकायत कर उनके चुनाव को रद्द करने तक की मांग कर दी है.
रतलाम में दिए बयान से बढ़ा विवाद
शनिवार रात रतलाम में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि पश्चिम बंगाल में उनके खिलाफ 38 “फर्जी मामले” दर्ज किए गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि यदि वे बंगाल जाते हैं, तो उनकी गिरफ्तारी हो सकती है. अपने छह साल के बंगाल प्रवास का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उनका जीवित रहना किसी दैवीय कृपा से कम नहीं था और इसके लिए उन्होंने बजरंगबली को धन्यवाद दिया. इस बयान के सामने आते ही राजनीतिक विवाद शुरू हो गया.

MP Politics News: विजयवर्गीय के खिलाफ कांग्रेस
कांग्रेस ने कहा- खुद माना, फिर किया छुपाया
कांग्रेस ने विजयवर्गीय के इसी बयान को आधार बनाकर इसे कानूनी मुद्दा बना दिया है. पार्टी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने कहा कि मंत्री ने स्वयं यह स्वीकार किया है कि उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं, लेकिन इंदौर विधानसभा सीट से नामांकन के समय उन्होंने इन मामलों का उल्लेख अपने चुनावी हलफनामे में नहीं किया. नायक ने कहा, “जिन आधारों पर पहले कई चुनाव रद्द किए गए हैं, उन्हीं आधारों पर कैलाश विजयवर्गीय का चुनाव भी रद्द होना चाहिए.”
चुनाव आयोग से स्वतः संज्ञान की मांग
कांग्रेस की ओर से पार्टी प्रवक्ता और वरिष्ठ अधिवक्ता प्रमोद द्विवेदी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है. शिकायत में चुनाव आयोग से आग्रह किया गया है कि वह इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू करे. कांग्रेस का कहना है कि यदि किसी भी प्रत्याशी ने एक भी आपराधिक मामला छुपाया हो, तो वह अयोग्यता के दायरे में आ सकता है.
गिरफ्तारी वारंट का भी किया गया उल्लेख
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन मामलों में गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. इससे मामले की गंभीरता और बढ़ जाती है और व्यापक जांच की जरूरत और स्पष्ट होती है.
BJP की चुप्पी
इस पूरे विवाद पर अभी तक भारतीय जनता पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. फिलहाल सभी की नजरें चुनाव आयोग पर टिकी हैं कि वह कांग्रेस की शिकायत पर क्या कदम उठाता है.
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