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होली की छुट्टी बनी आखिरी विदाई, ओरछा में बेतवा नदी में डूबा झांसी का फौजी बेटा, जुडवां भाई का बुरा हाल

अनिल सिंह सेंगर ने बताया कि निपेश पस्तोर जालंधर में तैनात थे. छुट्टी खत्म होने के बाद उन्हें पांच मार्च को वापस जाकरअपनी यूनिट में रिपोर्ट करना था. लेकिन, उससे पहले यह हादसा हो गया. उन्होंने बताया कि निपेश के पिता भी सेना से रिटायर्ड हैं.

होली की छुट्टी बनी आखिरी विदाई, ओरछा में बेतवा नदी में डूबा झांसी का फौजी बेटा, जुडवां भाई का बुरा हाल

होली के रंग अभी फीके भी नहीं पड़े थे कि निवाड़ी जिले की पर्यटन नगरी ओरछा से ऐसी खबर आई जिसने हर आंख नम कर दी. जालंधर में तैनात झांसी का एक जवान, जो छुट्टियों में घर आया था, वह बेतवा की लहरों में हमेशा के लिए समा गया. गुरुवार 5 मार्च को उन्हें वापस ड्यूटी पर लौटना था, लेकिन उससे पहले ही मौत ने उन्हें अपनी आगोश में ले लिया.

दरअसल, निपेश पस्तोर अपने दोस्तों के साथ ओरछा घूमने आए थे. होली के रंग भी उनके चेहरे पर सजे थे. गुलाल लगाए वे बेतवा नदी के किनारे पहुंचे और नहाने के लिए पानी में उतर गए.  प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पानी का बहाव अपेक्षा से ज्यादा था. निपेश को अंदाजा ही नहीं लगा कि वे कब गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते लहरों में समा गए. आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. 

झांसी भेजा गया शव 

लोगों ने निपेश को सीपीआर दिया और फिर अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद उनका शव झांसी के हसारी स्थित दाऊ नगर मोहल्ले पहुंचा दिया गया. जवान बेटे का शव देखकर परिजनों का बुरा हाल है. निपेश का एक जुड़वां भाई है, वह भी बिलख रहा है.  

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आज वापस लौटना था 

पड़ोसी अनिल सिंह सेंगर ने बताया कि निपेश पस्तोर जालंधर में तैनात थे. छुट्टी खत्म होने के बाद उन्हें पांच मार्च को वापस जाकरअपनी यूनिट में रिपोर्ट करना था. लेकिन, उससे पहले ही यह हादसा हो गया. अनिल ने बताया कि निपेश के पिता रूद्र नारायण पस्तोर सेना से सूबेदार के पद से रिटायर्ड हैं. वर्तमान में वे झांसी नगर निगम में कार्यरत हैं. परिवार में निपेश और नितेश जुड़वां भाई हैं. एक बहन भी है.  

पिता भी फौज में रहे  

अनिल सिंह ने बताया कि पूरा परिवार बेहद सरल और देशभक्त पृष्ठभूमि से जुड़ा है. एक पिता ने देश की सेवा की और अब बेटा भी वर्दी में देश की सेवा कर रहा था. भाई नितेश भी तैयारी में लगा था. 

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