मध्य प्रदेश में लोकायुक्त की एक बड़ी कार्रवाई ने सबको चौंका दिया है. बिजली कंपनी में अधीक्षण यंत्री (Superintending Engineer) के पद पर पदस्थ शिवराम सेमिल के 9 ठिकानों पर हुई छापेमार कार्रवाई में करोड़ों रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है. लोकायुक्त की जांच में आलीशान बंगला, प्लॉट, फैक्ट्रियां, सोना-चांदी, नगदी, बैंक जमा और कई अन्य निवेश सामने आए हैं. शुरुआती आकलन में संपत्ति की कीमत 14.54 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है, जबकि बाजार मूल्य 40 करोड़ रुपये से ज्यादा आंका जा रहा है.
दरअसल, इंदौर लोकायुक्त की टीम ने बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल से जुड़े 9 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की. सुबह शुरू हुई जांच देर शाम तक चलती रही. इस दौरान टीम ने दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड, संपत्तियों और निवेश से जुड़ी जानकारी जुटाई. जांच के दौरान कई ऐसी संपत्तियां सामने आईं, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये में बताई जा रही है.
आलीशान बंगला और तीन प्लॉट का खुलासा
जांच में इंदौर की सिलिकॉन सिटी में स्थित एक तीन मंजिला आलीशान बंगला सामने आया. लोकायुक्त के अनुसार इस मकान के निर्माण पर करीब 2 करोड़ रुपये खर्च किए हैं. इसके अलावा तीन प्लॉट भी मिले हैं. इनमें दो प्लॉट पीथमपुर के सेक्टर-3 क्षेत्र में और एक प्लॉट इंदौर के ओमेक्स सिटी में स्थित है.
सोना-चांदी, नगदी और बैंक खातों में बड़ी रकम
लोकायुक्त की कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में सोना-चांदी के आभूषण और नगदी भी मिली है. इनकी कुल कीमत करीब 57.88 लाख रुपये आंकी गई है. जांच टीम को शिवराम सेमिल की पत्नी के बैंक खाते में 41 लाख रुपये जमा होने की जानकारी भी मिली है.
फैक्ट्रियां, मशीनें और 106 ट्रांसफॉर्मर भी मिले
जांच में केवल जमीन और मकान ही नहीं, बल्कि औद्योगिक संपत्तियों का भी खुलासा हुआ है. लोकायुक्त को ट्रांसफॉर्मर निर्माण से जुड़ी फैक्ट्रियां, मशीनें और 106 ट्रांसफॉर्मर मिले हैं. इसके अलावा एक इलेक्ट्रिक कार, बैंक डिपॉजिट, घरेलू सामान और अन्य निवेश की जानकारी भी सामने आई है.
14.54 करोड़ का आकलन, बाजार मूल्य 40 करोड़ से ज्यादा
लोकायुक्त द्वारा तैयार की गई प्रारंभिक इन्वेंट्री के अनुसार अब तक करीब 14 करोड़ 54 लाख रुपये की संपत्ति और निवेश का पता लगाया गया है. हालांकि यह मूल्यांकन सरकारी गाइडलाइन के आधार पर किया गया है. अधिकारियों का कहना है कि यदि इन संपत्तियों का वर्तमान बाजार मूल्य निकाला जाए तो उनकी कीमत 40 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है.
लोकायुक्त पुलिस के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम 2018 की धारा 13(1)(B) और 13(2) के तहत एफआईआर दर्ज की है.
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