IPS Ratan Lal Dangi IF Raipur: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है. गृह विभाग ने भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के वरिष्ठ अधिकारी और आईजी पद पर पदस्थ रतनलाल डांगी को निलंबित कर दिया है. यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब वे पहले से ही एक गंभीर विवाद में घिरे हुए थे.
आईपीएस रतनलाल डांगी के निलंबन आदेश में क्या लिखा है?
छत्तीसगढ़ शासन के गृह विभाग द्वारा जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि आईपीएस अधिकारी रतनलाल डांगी के खिलाफ एक महिला द्वारा गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग जैसे मामले शामिल हैं.
आदेश में उल्लेख किया गया है कि इन आरोपों के आधार पर उनके आचरण की जांच की जा रही है और प्रथम दृष्टया मामला गंभीर प्रकृति का पाया गया है. इसी वजह से जांच की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है.
निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता (subsistence allowance) दिया जाएगा. साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि बिना अनुमति वे मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे. सरकार ने आदेश में यह भी संकेत दिया है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी.
महिला की शिकायत से शुरू हुआ विवाद
IPS रतनलाल डांगी का पूरा मामला एक महिला की शिकायत से जुड़ा है, जो कि छत्तीसगढ़ पुलिस में पदस्थ एक सब-इंस्पेक्टर की पत्नी बताई जा रही है. महिला ने नवंबर महीने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए रतनलाल डांगी पर यौन उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए थे.
शिकायत सामने आने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आया और जांच शुरू की गई. इसी दौरान सोशल मीडिया पर रतनलाल डांगी से जुड़े कथित आपत्तिजनक फोटो वायरल हो गए, जिससे मामला और ज्यादा तूल पकड़ गया. हालांकि, रतनलाल डांगी ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद बताया है.

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जांच के बीच सरकार का सख्त रुख
सूत्रों की मानें तो शिकायत और वायरल सामग्री के बाद विभाग ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया. प्रारंभिक जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर ही गृह विभाग ने निलंबन की कार्रवाई की है. यह कदम यह संकेत देता है कि सरकार इस तरह के आरोपों को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के मूड में है. अब आगे की विस्तृत जांच के आधार पर ही यह तय होगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है.
साधारण परिवार से IPS तक का सफर
रतनलाल डांगी का जीवन संघर्ष से भरा रहा है. राजस्थान के नागौर जिले के गांव मालास में 1 अगस्त 1973 को जन्मे डांगी एक साधारण परिवार से आते हैं. उनके माता-पिता मजदूरी कर परिवार चलाते थे.
आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी. गांव के सरकारी स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा लेने के बाद उन्होंने पीपलाद और परबतसर के स्कूलों से आगे की पढ़ाई पूरी की. बाद में अजमेर की एमडीएस यूनिवर्सिटी से स्नातक और परास्नातक की डिग्री हासिल की.
शिक्षक से IPS बनने तक का सफर
रतनलाल डांगी ने महज 20 साल की उम्र में सरकारी स्कूल में शिक्षक के रूप में नौकरी शुरू की थी. छह साल तक अध्यापन करने के बाद उन्होंने आरपीएससी परीक्षा पास कर टैक्स इंस्पेक्टर बने. इसके बाद नायब तहसीलदार पद पर भी चयन हुआ.
आखिरकार उन्होंने संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2002 में ऑल इंडिया रैंक 226 हासिल कर 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी बने और छत्तीसगढ़ कैडर मिला.
लंबा प्रशासनिक अनुभव
आईपीएस बनने के बाद डांगी ने छत्तीसगढ़ के कई संवेदनशील जिलों में अपनी सेवाएं दीं. वे कोरबा, बिलासपुर, कांकेर और बीजापुर में पुलिस अधीक्षक रहे. इसके अलावा सरगुजा, दुर्ग और बिलासपुर में आईजी के रूप में भी पदस्थ रहे. उन्हें चंद्रखुरी पुलिस अकादमी का निदेशक बनाया गया था और बाद में रायपुर आईजी की जिम्मेदारी भी सौंपी गई.
रायपुर में आईजी रतनलाल डांगी का निलंबन छत्तीसगढ़ पुलिस प्रशासन में एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है. एक ओर गंभीर आरोप हैं, वहीं दूसरी ओर अधिकारी द्वारा इन आरोपों को खारिज किया गया है. अब पूरे मामले की सच्चाई आगामी जांच में सामने आएगी, जिस पर सभी की नजर टिकी हुई है.
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