- हरदा में भारतीय किसान संघ मूंग की सौ प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर सात दिनों से लगातार आंदोलन कर रहा है.
- आंदोलन के दौरान किसानों ने प्रशासन की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ कराया और भगवान भोलेनाथ को दंडवत प्रणाम किया.
- किसानों ने कलेक्ट्रेट का घेराव किया और प्रशासन की प्रतीकात्मक आरती उतारकर अपनी नाराजगी व्यक्त की.
दंडवत प्रणाम किया, सद्बुद्धि यज्ञ कराया, प्रशासन की आरती उतारी और कलेक्ट्रेट का घेराव भी किया, लेकिन किसानों की आवाज अब तक सरकार तक नहीं पहुंची. एमपी के हरदा में मूंग खरीदी को लेकर भारतीय किसान संघ का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है. पिछले सात दिनों से किसान अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं और अब यह आंदोलन केवल धरना-प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जिलेभर में इसका व्यापक असर दिखाई देने लगा है.
शुक्रवार को किसानों के समर्थन में व्यापारियों ने भी अपने प्रतिष्ठान बंद रखे, जिससे हरदा जिला बंद का असर साफ नजर आया. किसानों का कहना है कि जब तक मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी सुनिश्चित नहीं होगी, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा.
सातवें दिन भी जारी रहा किसानों का धरना
भारतीय किसान संघ 4 जुलाई से मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर आंदोलन कर रहा है. किसान कृषि उपज मंडी परिषद परिसर में ही धरना दे रहे हैं. कई किसान वहीं रात्रि विश्राम कर रहे हैं और सामूहिक रूप से भोजन बनाकर आंदोलन को आगे बढ़ा रहे हैं. संगठन का कहना है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती.
सरकार की सद्बुद्धि के लिए किया यज्ञ
आंदोलन के दौरान किसानों ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया. किसानों ने सरकार की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ का आयोजन किया और ईश्वर से प्रार्थना की कि सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से समझे. इसके अलावा धरना स्थल से भगवान भोलेनाथ मंदिर तक दंडवत प्रणाम करते हुए भी किसान पहुंचे. किसानों का कहना है कि यह केवल विरोध नहीं, बल्कि अपनी पीड़ा को शांतिपूर्ण तरीके से व्यक्त करने का प्रयास है.

किसान संघ के हरदा बंद का समर्थन व्यापारियों ने किया.
कलेक्ट्रेट का घेराव और प्रशासन की आरती
इससे पहले किसानों ने कलेक्ट्रेट का घेराव भी किया था. ब्लड डोनेट के लिए वाहन उपलब्ध नहीं कराने को लेकर किसानों में नाराजगी देखी गई. विरोध जताने के लिए उन्होंने थाली और ताली बजाई तथा प्रशासन और सरकार की प्रतीकात्मक आरती भी उतारी. इस दौरान आंदोलनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नाराजगी व्यक्त की.
हरदा बंद में व्यापारियों का भी मिला साथ
शुक्रवार को भारतीय किसान संघ के समर्थन में व्यापारी संगठन भी खुलकर सामने आया. इसके बाद हरदा जिला बंद का व्यापक असर देखने को मिला. कृषि उपज मंडी पूरी तरह बंद रही, जबकि शहर के कई बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान भी बंद रहे. किसानों का मानना है कि समाज के विभिन्न वर्गों का समर्थन मिलने से उनकी मांग और मजबूत हुई है.

मांग पूरी होने तक आंदोलन रहेगा जारी
भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक मूंग की 100 प्रतिशत खरीदी का स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन समाप्त नहीं होगा. संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को जिला स्तर से प्रदेश स्तर तक और तेज किया जाएगा.
किसान संघ का दावा- अब और मजबूत होगा आंदोलन
भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधि राजनारायण गौर ने कहा कि 4 जुलाई से किसानों का धरना लगातार जारी है और मांग पूरी होने तक यह संघर्ष खत्म नहीं होगा. उन्होंने बताया कि किसानों के समर्थन में व्यापारी संगठन भी आगे आए हैं और हरदा बंद इसका प्रमाण है. उनका कहना है कि सरकार जब तक किसानों की मांग नहीं मानती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा और जरूरत पड़ी तो इसे बड़े स्तर पर भी ले जाया जाएगा.
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