विज्ञापन

आंसुओं से पसीजा दिल, बोला- 'बस अब बहुत हुआ', अपने घर गरियाबंद में महिलाओं समेत लाखों के इनामी 9 नक्सलियों ने डाले हथियार

गरियाबंद जिले में खूंखार सीनापाली-एसडीके-सोनाबेड़ा कमेटी के 9 सक्रिय नक्सलियों ने हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया है. इनमें 6 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं, जिन पर लाखों का इनाम था. इससे इलाके में सक्रिय नक्सली नेटवर्क पूरी तरह ध्वस्त हो गया है.

आंसुओं से पसीजा दिल, बोला- 'बस अब बहुत हुआ', अपने घर गरियाबंद में महिलाओं समेत लाखों के इनामी 9 नक्सलियों ने डाले हथियार
Maoists Surrender in Gariaband: सरेंडर के पीछे इमोशनल स्टोरी क्या.

Gariaband Maoist Surrender: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में सुरक्षा बलों को नक्सल विरोधी अभियान में अब तक की सबसे बड़ी और ऐतिहासिक सफलता मिली है. दहशत का पर्याय बन चुकी एक पूरी नक्सली कमेटी के सदस्यों ने एक साथ मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया है. इस आत्मसमर्पण के साथ ही इलाके में सक्रिय एक बड़े नक्सली नेटवर्क का नामोनिशान मिट गया है. जिले में सक्रिय खूंखार सीनापाली-एसडीके-सोनाबेड़ा-धरमबंधा-कुलीभीतर कमेटी का अब पूरी तरह सफाया हो चुका है. 

दरअसल, गरियाबंद जिले में पुलिस की दोहरी रणनीति (प्रहार और पुनर्वास) रंग ला रही है. नक्सलवाद लगातार कमजोर हो रहा है. अब तक मुठभेड़ में सुरक्षा बलों ने 31 नक्सलियों को मार गिराया है. सोमवार को 9 सक्रिय नक्सलियों के हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करने से इलाके में फैला नक्सली नेटवर्क ही ध्वस्त हो गया है. समर्पण करने वाले कई बड़े कैडर के नक्सली सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाकर सम्मानजनक जीवन जी रहे हैं. इनमें सुनील (8 लाख), जानसी (8 लाख) और दीपक (8 लाख) जैसे इनामी नाम शामिल हैं. 

Latest and Breaking News on NDTV

परिजनों के आंसुओं और वीडियो संदेशों ने किया कमाल

इस ऐतिहासिक सरेंडर के पीछे एक इमोशनल बैकस्टोरी है. एक दिन पहले रविवार को सोशल मीडिया पर बलदेव और उषा के परिजनों के वीडियो जमकर वायरल हुए थे, जिसमें वे अपने बच्चों से घर लौटने की मार्मिक अपील कर रहे थे. साथ ही, पूर्व में सरेंडर कर चुके सुनील, झांसी और दीपक ने भी एक वीडियो जारी कर अपने पुराने साथियों से हिंसा छोड़ने का आग्रह किया था. अपनों की इस पुकार ने नक्सलियों के दिल को झकझोर दिया और वे हथियार डालकर बाहर निकल आए. 

दो पुरुष नक्सलियों के पास AK-47 

हथियारों के साथ सरेंडर करने वाले 9 नक्सलियों की सूची में 6 महिला और 3 पुरुष नक्सली शामिल हैं. इनमें से तीन के पास AK-47 थी. बलदेव (DBCM) 19 साल पहले नक्सली बना था, ओडिशा का रहने वाला डमरू (DBCM), रंजीत (AC सचिव) तीनों पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम था. बलदेव और डमरू के पास AK-47 थी.  

Latest and Breaking News on NDTV

इन इनामी महिला नक्सलियों ने भी डाले हाथियार 

  • अंजू (DBCM) 8 लाख का इनाम, 16 साल से सक्रिय (AK-47)
  • सोनी (AC सचिव) 8 लाख का इनाम
  • पार्वती (ACM) 5 लाख का इनाम
  • रत्ना (ACM) 5 लाख का इनाम
  • नविता (PM) 1 लाख का इनाम
  • सरुपा (PM) 1 लाख का इनाम 

अब जंगल में सीतानदी कमेटी बची

सीनापाली कमेटी के खात्मे के बाद अब जंगल में केवल सीतानदी कमेटी के सदस्य, जिसमें ज्योति, रामदास और उमा डीबीसीएम मेंबर ही शेष रह गए हैं. इन सभी पर 8-8 लाख का इनाम है. पुलिस को उम्मीद है कि ये भी जल्द ही आत्मसमर्पण करेंगे. पूरे मामले पर रायपुर आईजी और गरियाबंद एसपी कुछ ही देर में विस्तृत खुलासा करेंगे.

Jagdalpur Maoist Surrender: जगदलपुर में 55 लाख के चार इनामी नक्सलियों का समर्पण, 40 लाख की इनामी नीतू भी शामिल

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com