ED Raids Controversy: जबलपुर में राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा ने ईडी की हालिया कार्रवाइयों पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की भूमिका और न्याय व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है. तन्खा ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले की गई ईडी की कार्रवाई राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित लगती है.
ईडी की कार्रवाई पर सवाल
तन्खा ने कहा कि चुनाव से ठीक तीन महीने पहले ईडी का पश्चिम बंगाल पहुंचना और चुनावी रणनीति से जुड़ी संस्था ‘आई-पैक' पर कार्रवाई करना संदेह पैदा करता है. उन्होंने याद दिलाया कि यही संस्था पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के लिए भी रणनीति बना चुकी है. ऐसे में चयनात्मक कार्रवाई पर सवाल उठना स्वाभाविक है.
संघीय ढांचे पर खतरा
उन्होंने कहा कि यदि देश में संघीय व्यवस्था को मजबूत रखना है तो केंद्र और राज्यों को एक-दूसरे का सम्मान करना होगा. लगातार इस तरह की कार्रवाइयां संघीय ढांचे को कमजोर कर सकती हैं. तन्खा ने चेतावनी दी कि यह लोकतंत्र के लिए भी खतरे की घंटी है.
स्वतंत्र चुनावों पर चिंता
तन्खा ने कहा कि यदि लोकतंत्र को मजबूत करना है तो “छापेमारी की राजनीति” बंद करनी होगी. उन्होंने आई-पैक पर हुई कार्रवाई को गलत बताया और कहा कि इसका विरोध होना स्वाभाविक है. उन्होंने यह भी बताया कि ममता बनर्जी खुद उस स्थान पर पहुंचीं जहां ईडी की टीम गई थी और बाद में ईडी अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई.
राहुल गांधी की यात्रा पर प्रतिक्रिया
तन्खा ने बताया कि उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी का फोन आया था और उन्होंने निर्देश दिया कि राहुल गांधी के कार्यक्रमों में शामिल होना है. भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी मृतकों पर राजनीति नहीं कर रहे, बल्कि सरकार की विफलताओं को उजागर कर रहे हैं.
सरकार पर गंभीर आरोप
तन्खा ने दूषित पानी से हुई मौतों पर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद न तो एफआईआर हुई और न ही गिरफ्तारी. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जांच नहीं, बल्कि लीपापोती कर रही है. कांग्रेस का काम जनता के सामने सरकार की विफलताओं को रखना है, बाकी फैसला जनता चुनाव में करती है.
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