- MP में वर्ष 2025-26 में आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले कारोबारियों की संख्या में 9% से अधिक की वृद्धि हुई है.
- ग्वालियर के कारोबारी सुमित गुप्ता ने वर्ष 2025-26 में 31.67 करोड़ एडवांस टैक्स जमा किया है जो सबसे अधिक है.
- कार्तिक आर्यन ने इसी अवधि में 21 करोड़ रुपये एडवांस टैक्स जमा करके पिछले वर्ष की तुलना में वृद्धि की है.
मध्य प्रदेश में आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इस बार सबसे ज्यादा चर्चा ग्वालियर के एक कारोबारी की हो रही है. वजह यह है कि उन्होंने एडवांस टैक्स के रूप में इतनी बड़ी राशि जमा की है कि बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन भी उनके पीछे रह गए. ग्वालियर के कारोबारी सुमित गुप्ता ने वर्ष 2025-26 में 31.67 करोड़ रुपये एडवांस टैक्स जमा किया है, जबकि अभिनेता कार्तिक आर्यन ने इसी अवधि में 21 करोड़ रुपये का एडवांस टैक्स भरा है. टैक्स भुगतान के आंकड़ों में यह अंतर अब प्रदेशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है.
आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या में बढ़ोतरी
आयकर विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 में मध्य प्रदेश में आयकर रिटर्न दाखिल करने वाले कारोबारियों की संख्या में 9.26 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की है. इस साल 77 हजार से अधिक नए कारोबारियों ने आयकर रिटर्न जमा किया है. वर्ष 2024-25 में जहां 17,57,839 कारोबारियों ने रिटर्न दाखिल किया था, वहीं वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 18,35,512 तक पहुंच गई.
सुमित गुप्ता ने भरा 31.67 करोड़ रुपये एडवांस टैक्स
इस बार नॉन-कॉरपोरेट श्रेणी में ग्वालियर के कारोबारी सुमित गुप्ता का नाम सबसे अधिक चर्चा में है. उन्होंने 31.67 करोड़ रुपये एडवांस टैक्स जमा किया है. यह राशि बॉलीवुड अभिनेता कार्तिक आर्यन द्वारा जमा किए गए टैक्स से करीब 10 करोड़ रुपये अधिक है. इसी वजह से टैक्सदाताओं की सूची में उनका नाम प्रमुखता से सामने आया है.
कार्तिक आर्यन ने भी बढ़ाया टैक्स भुगतान
फिल्म अभिनेता कार्तिक आर्यन ने वर्ष 2025-26 में एडवांस इनकम टैक्स के रूप में 21 करोड़ रुपये जमा किए हैं. खास बात यह है कि पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में उन्होंने 11 करोड़ रुपये टैक्स जमा किया था. यानी एक साल में उनके टैक्स भुगतान में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है, लेकिन इसके बावजूद वे सुमित गुप्ता से पीछे रहे.
टैक्स फ्री सीमा बढ़ने का भी दिखा असर
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, टैक्स फ्री आय की सीमा बढ़ाकर 12.75 लाख रुपये वार्षिक किए जाने का असर भी आंकड़ों में दिखाई दिया है. इसके चलते वेतनभोगी करदाताओं की संख्या में 12 हजार से ज्यादा की कमी दर्ज की गई है. हालांकि कारोबारियों और अन्य करदाताओं की संख्या में वृद्धि ने कुल रिटर्न फाइलिंग को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है.
32 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा रहा टैक्स कलेक्शन
वर्ष 2025-26 में मध्य प्रदेश से आयकर संग्रह 32 हजार करोड़ रुपये से अधिक रहा. यह निर्धारित लक्ष्य का लगभग 97.05 प्रतिशत बताया है. हालांकि वर्ष 2024-25 में कुल टैक्स कलेक्शन 32,300 करोड़ रुपये था. विभाग का मानना है कि आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी और बेहतर अनुपालन के चलते टैक्स संग्रह लगातार मजबूत बना हुआ है.
टैक्स भुगतान में कैसे आया सुधार
इनकम टैक्स एक्सपर्ट और चार्टर्ड अकाउंटेंट अशीष पारीख का मानना है कि टैक्स भुगतान की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए किए गए सुधारों का सकारात्मक असर सामने आया है. रिफंड प्रक्रिया को सरल और तेज बनाया है, जिससे करदाताओं का भरोसा बढ़ा है. इसके अलावा जागरूकता अभियान और ऑनलाइन सुविधाओं के विस्तार ने भी लोगों को समय पर टैक्स जमा करने के लिए प्रेरित किया है. यही कारण है कि इस बार ग्वालियर समेत मध्य प्रदेश के कई शहर टैक्स भुगतान के आंकड़ों को लेकर सुर्खियों में हैं.
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