Bhopal 90 Degree Overbridge Update: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के 90 डिग्री एंगल वाले ब्रिज मामले में सस्पेंड सभी 7 इंजीनियर को बहाल कर दिया गया है, जिसमें दो चीफ इंजीनियर भी शामिल हैं. बहाल होने के बाद सभी इंजीनियरों को ईएनसी ऑफिस में तैनात किया जाएगा. सरकार के इस कदम के बाद राज्य में राजनीतिक और प्रशासन हलकों में चर्चा शुरू हो गई है.
पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह ने बहाली को मंजूरी दे दी है. हालांकि, विभागीय मामले में जांच जारी है, जो पूरी होने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. बता दें कि सस्पेंड हुए सातों इंजीनियरों को पूर्व में आरोप पत्र जारी थे. इसमें डिजाइन विंग से जुड़े इंजीनियरों ने गलती नहीं मानी है. अब सभी इंजीनियरों को उनके जवाब का परीक्षण करने के बाद बिना कोई कार्यवाही किए बहाल कर दिया है.

18 करोड़ की लागत से बना था पुल
बता दें कि ऐशबाग में 18 करोड़ रुपये की लागत से यह रेलवे ओवरब्रिज को जून 2025 में बनाया गया था. इसके उद्घाटन की तैयारियां चल रही थीं, लेकिन जब इसकी तस्वीरें और वीडियो सामने आए तो ब्रिज के लगभग 90 डिग्री वाले मोड़ का पता चला. फिर सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे बिना शुरू किए ही बंद कर दिया गया. देखते‑ही‑देखते यह ब्रिज सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चर्चा का विषय बन गया और इसकी तीखी आलोचना होने लगी. इस पुल ने सरकार की खूब किरकिरी कराई थी. विवाद बढ़ने के बाद पीडब्ल्यूडी ने सात इंजीनियरों को निलंबित किया.
पिछले महीने ही मिली थी सुधार को मंजूरी
हालांकि, लंबे समय से बंद पड़े इस ब्रिज को अब सुधारा जाएगा और आवश्यक तकनीकी बदलावों के बाद इसे आम जनता के लिए खोला जाएगा. पिछले करीब दस महीनों से लोक निर्माण विभाग और रेलवे के बीच चली आ रही खींचतान अप्रैल में हुई उच्च स्तरीय बैठक में समाप्त हो गई, जिसमें ब्रिज के मोड़ को रि‑डिजाइन करने पर सहमति बनी.
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