- बालोद जिले के भैसबोड़ गांव में खराब सड़क की स्थिति के विरोध में ग्रामीणों ने सड़क पर धान की रोपाई की.
- ग्राम भैसबोड़ की मुख्य सड़क का निर्माण कृषि उपज मंडी बोर्ड ने पिछले वर्ष मंजूरी देने के बाद भी शुरू नहीं हुआ.
- बारिश के कारण सड़क की हालत और खराब हो गई है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.
किसी गांव की सड़क पर धान की रोपाई होती देख शायद पहली नजर में लगे कि यह कोई खेत होगा, लेकिन बालोद जिले के भैसबोड़ गांव की यह तस्वीर दरअसल लोगों की मजबूरी और नाराजगी की कहानी कहती है. वर्षों से विकास के दावे सुन रहे ग्रामीणों ने इस बार अपना विरोध जताने के लिए ऐसा तरीका चुना, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया.
बारिश में कीचड़ से लथपथ सड़क जब खेत जैसी दिखने लगी तो गांव वालों ने उसी सड़क पर धान रोप दिया. यह सिर्फ रोपाई नहीं थी, बल्कि उन अधूरे वादों और सुस्त व्यवस्था के खिलाफ एक प्रतीकात्मक संदेश था, जो महीनों से सड़क निर्माण का इंतजार कर रहे ग्रामीणों की पीड़ा को बयां कर रहा है.
संतोष कुमार साहू की रिपोर्ट...
सड़क पर उतरा ग्रामीणों का गुस्सा
दरअसल, बालोद जिले के डौंडी विकासखंड के ग्राम भैसबोड़ में ग्रामीणों ने अनोखे अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया. गांव की मुख्य सड़क पर धान की रोपाई कर लोगों ने शासन-प्रशासन और जिम्मेदार विभागों का ध्यान अपनी समस्या की ओर खींचने का प्रयास किया. ग्रामीणों का कहना है कि जब सड़क की हालत खेत जैसी हो गई, तो उस पर धान की रोपाई करना ही सबसे उचित प्रतीकात्मक विरोध है.
10 महीने बाद भी शुरू नहीं हुआ निर्माण
ग्रामीणों के अनुसार गांव के बीच से गुजरने वाली करीब 200 मीटर लंबी सड़क के निर्माण को कृषि उपज मंडी बोर्ड ने पिछले वर्ष सितंबर में मंजूरी दी थी. इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया था. लेकिन लगभग 10 महीने बीत जाने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका. सड़क आज भी अपनी पुरानी और जर्जर हालत में पड़ी है.
बरसात में सड़क बनी मुसीबत
बारिश के मौसम में सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गई. यह गांव का मुख्य मार्ग है, जिससे रोजाना स्कूली बच्चे, किसान, ग्रामीण और भारी वाहन गुजरते हैं. जगह-जगह कीचड़ और गड्ढों के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. कई बार फिसलने और दुर्घटना का भी खतरा बना रहता है.
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों और जिम्मेदार विभागों को सड़क की स्थिति से अवगत कराया. हर बार उन्हें जल्द काम शुरू होने का भरोसा दिया, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई. ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ अधिकारियों ने तो सड़क निर्माण पूरा होने तक का दावा कर दिया, जबकि हकीकत इससे बिल्कुल अलग है.
धान की रोपाई बन गई विरोध का प्रतीक
अपनी नाराजगी जाहिर करने और प्रशासन को जगाने के लिए ग्रामीणों ने सड़क पर धान की रोपाई करने का फैसला किया. गांव के लोगों ने मिलकर सड़क के बीचों-बीच धान लगाया और संदेश दिया कि यदि सड़क खेत जैसी बन गई है, तो अब यहां खेती ही की जाएगी. ग्रामीणों का यह अनोखा विरोध क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है.
मंडी विभाग ने दी कार्रवाई की चेतावनी
मंडी विभाग के सचिव ने बताया कि सड़क निर्माण का जिम्मा जिस ठेकेदार को दिया है, उसे अब तक दो बार नोटिस जारी किया जा चुका है. इसके बावजूद काम शुरू नहीं हुआ. विभाग की ओर से अब अंतिम नोटिस जारी करने की तैयारी की जा रही है. यदि ठेकेदार संतोषजनक जवाब नहीं देता, तो टेंडर निरस्त करने, सुरक्षा राशि राजसात करने और उसे ब्लैकलिस्ट करने जैसी कार्रवाई की जाएगी.
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