बालाघाट: मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में इन दिनों बीमारियों का प्रकोप तेजी से फैला हुआ है. इसकी चपेट में आने से अब तक 10 आदिवासी बच्चों की मौत हो चुकी है, जबकि कई बच्चे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं, जहां उनका इलाज चल रहा है. इन मौतों पर विपक्ष सरकार को घेर रहा और आंकड़ों पर सवाल उठा रहा है.
किन गांवों में फैली बीमारी?
बालाघाट के बैगा बाहुल्य क्षेत्रों में कई तरह की बीमारियां फैली हुई हैं. इनमें मछुरदा, अडोरी, बोंदारी, कोरका और कुंडेकसा गांव बीमारियों के मुख्य हॉटस्पॉट बने हुए हैं. इनमें सबसे ज्यादा गंभीर स्थिति कुंडेकसा गांव की रही. मैदानी स्तर पर तैनात डॉक्टरों के अनुसार, फिलहाल स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया है, लेकिन यहां फंगल इंफेक्शन, मलेरिया, टाइफाइड और हैजा जैसी बीमारियां फैली हुई हैं. मैदानी स्वास्थ्य अमला गांव-गांव जाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर रहा है. स्थिति को देखते हुए कुंडेकसा गांव के सरकारी स्कूल में ही अस्थायी अस्पताल बनाया गया है.
विपक्ष का आरोप- आंकड़े छुपा रही सरकार
बालाघाट जिले के बिरसा विकासखंड के ग्राम कुंडेकसा और आसपास के क्षेत्रों में 10 बैगा बच्चों की मौत का मामला प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है. विपक्ष का आरोप है कि मौतों का वास्तविक आंकड़ा सरकारी आंकड़ों से कहीं अधिक है और सरकार जानकारी छुपा रही है. हालांकि, सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 10 बच्चों की मौत दर्ज की गई है. इस रहस्यमयी बीमारी का सही कारण जानने के लिए कई तरह के सैंपल लिए गए हैं, जिनकी रिपोर्ट आना अभी बाकी है.
सीएम ने 2-2 लाख की मदद का किया ऐलान
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया. उन्होंने मृतक बच्चों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. इसके साथ ही उन्होंने क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और मामले की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं.
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी का तांडव, सेना के हेलिकॉप्टर से दो लोग एयरलिफ्ट; अब तक 350 का रेस्क्यू
आदिवासी समाज के लोग कर रहे प्रदर्शन
इस घटना को लेकर आदिवासी समाज में भारी आक्रोश है. बालाघाट में जनपद पंचायत के सामने समाज के लोगों द्वारा प्रदर्शन किया जा रहा है. उनकी मांग है कि पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए और मामले में दोषी अधिकारियों व लापरवाहों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं