भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत पश्चिम मध्य रेलवे के भोपाल मंडल के चार प्रमुख रेलवे स्टेशन, साँची, विदिशा, अशोकनगर और शिवपुरी अब नए और आधुनिक स्वरूप में यात्रियों की सेवा के लिए तैयार हैं. इसके साथ ही राज्य में फिर से तैयार किए गए कुल 13 रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन होगा. अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत करोड़ों रुपये की लागत से इन स्टेशनों का व्यापक पुनर्विकास किया गया है. आधुनिक वास्तुकला, स्मार्ट यात्री सुविधाओं, दिव्यांगजन-अनुकूल व्यवस्था और स्थानीय सांस्कृतिक पहचान से सुसज्जित इन स्टेशनों का लोकार्पण 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से करेंगे. इस दिन हाईड्रोजन ट्रेन की सौगात देश को मिल रही है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार अमृत भारत स्टेशन परियोजना न केवल यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाएगी, बल्कि पर्यटन, स्थानीय अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति प्रदान करेगी.
देशभर के 75 स्टेशनों के साथ होगा लोकार्पण
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को देश के 20 राज्यों में स्थित 75 पुनर्विकसित रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन करेंगे. लगभग 1,570 करोड़ रुपये की लागत से विकसित इन स्टेशनों को आधुनिक, सुरक्षित और यात्री-केंद्रित सुविधाओं से लैस किया गया है. 'विरासत भी, विकास भी' की अवधारणा पर विकसित इन स्टेशनों में स्थानीय संस्कृति, इतिहास और वास्तुकला को विशेष रूप से शामिल किया गया है. मध्य प्रदेश के 13 स्टेशन इस चरण में शामिल हैं, जिनमें पश्चिम मध्य रेलवे के छह स्टेशन और भोपाल मंडल के चार प्रमुख स्टेशन प्रमुख रूप से शामिल हैं.
MP के इन 13 रेलवे स्टेशनों का उद्घाटन होगा
विदिशा, सांची, अशोकनगर, शिवपुरी, ब्योहारी, भिंड, हरपालपुर, छतरपुर, टीकमगढ़, जुन्नारदेव, बालाघाट, छिंदवाड़ा और नैनपुर
दोपहर 3:40 बजे होगा वर्चुअल लोकार्पण
भोपाल डिवीजन के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर (DCM) सौरभ कटारिया ने बताया कि 17 जुलाई को दोपहर 2 बजे से कार्यक्रम शुरू होंगे. इसके बाद प्रधानमंत्री दोपहर 3:40 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए स्टेशनों का लोकार्पण करेंगे. अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत मध्य प्रदेश में लगभग 3,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से कुल 80 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया जा रहा है. पहले चरण में कुछ स्टेशनों का उद्घाटन पहले ही हो चुका है, जबकि इस चरण में 13 और स्टेशन जनता को समर्पित किए जा रहे हैं.

Amrit Bharat Station Scheme: अशोक नगर रेलवे स्टेशन
अशोकनगर स्टेशन को मिला नया स्वरूप
सम्राट अशोक के नाम से जुड़े ऐतिहासिक अशोकनगर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास लगभग 22 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किया गया है. एनएसजी-5 श्रेणी के इस स्टेशन पर प्रतिदिन 50 से अधिक ट्रेनों का संचालन होता है और करीब 6 हजार यात्री प्रतिदिन यहां से सफर करते हैं.
पुनर्विकास के अंतर्गत:
- सर्कुलेटिंग एरिया का विस्तार
- नई पार्किंग व्यवस्था
- आधुनिक स्टेशन भवन
- प्लेटफॉर्म अपग्रेडेशन
- नए प्लेटफॉर्म शेल्टर
- फुट ओवर ब्रिज, रैंप और लिफ्ट
- दिव्यांगजन-अनुकूल जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं.

Amrit Bharat Station Scheme: विदिशा स्टेशन
विदिशा स्टेशन पर 29.46 करोड़ रुपये का विकास कार्य
भोपाल मंडल के महत्वपूर्ण एनएसजी-3 श्रेणी के विदिशा स्टेशन का पुनर्विकास लगभग 29.46 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है. प्रतिदिन 13 हजार से अधिक यात्रियों की आवाजाही वाले इस स्टेशन पर अब यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी.
मुख्य विकास कार्यों में शामिल हैं:
- स्टेशन भवन का आधुनिकीकरण
- प्लेटफॉर्म 1 से 4 तक नए शेड
- द्वितीय प्रवेश द्वार का विकास
- 12 मीटर चौड़ा नया फुट ओवर ब्रिज
- आधुनिक प्रतीक्षालय और शौचालय
- बेहतर प्रकाश व्यवस्था
- दिव्यांगजन-अनुकूल अवसंरचना
विदिशा स्टेशन साँची और उदयगिरि जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों का प्रवेश द्वार भी है.

Amrit Bharat Station Scheme: सांची स्टेशन
साँची स्टेशन बनेगा विश्व धरोहर का आधुनिक प्रवेश द्वार
विश्व प्रसिद्ध साँची स्तूप तक पहुंचने वाले प्रमुख रेलवे स्टेशन साँची का पुनर्विकास 15.32 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है. पुनर्विकसित स्टेशन में:
- आधुनिक स्टेशन भवन
- डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली
- कोच पोजिशन डिस्प्ले बोर्ड
- स्मार्ट पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम
- विस्तृत प्लेटफॉर्म शेड
- आधुनिक प्रतीक्षालय
- पार्किंग और सर्कुलेटिंग एरिया का विकास
- दिव्यांगजन-अनुकूल सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं.
रेलवे का मानना है कि इससे पर्यटन को नई गति मिलेगी और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों का यात्रा अनुभव बेहतर होगा.

Amrit Bharat Station Scheme: शिवपुरी रेलवे स्टेशन
शिवपुरी स्टेशन को मिला आधुनिक और सांस्कृतिक स्वरूप
पर्यटन और ऐतिहासिक महत्व के लिए प्रसिद्ध शिवपुरी रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास लगभग 22 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है.
स्टेशन में स्थानीय कला एवं संस्कृति को भी प्रमुखता से स्थान दिया गया है. मुख्य सुविधाओं में शामिल हैं:
- नया स्टेशन भवन
- आधुनिक प्रतीक्षालय
- उन्नत शौचालय
- नया फुट ओवर ब्रिज
- सर्कुलेटिंग एरिया का सौंदर्यीकरण
- विस्तारित शेड
- बेहतर प्रकाश व्यवस्था
- रैंप और टैक्टाइल पाथ
इससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित और सहज यात्रा अनुभव मिलेगा.
यात्रियों को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं
चारों स्टेशनों पर यात्रियों के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं, जिनमें:
- डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली
- कोच पोजिशन डिस्प्ले
- आधुनिक पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम
- स्वच्छ शौचालय
- बेहतर प्रतीक्षालय
- शुद्ध पेयजल व्यवस्था
- एलईडी प्रकाश व्यवस्था
- पार्किंग सुविधा
- दिव्यांगजन-अनुकूल अधोसंरचना
- टैक्टाइल पाथ और रैंप विशेष रूप से शामिल हैं.
क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बढ़ावा
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इन स्टेशनों का पुनर्विकास केवल यात्री सुविधाओं तक सीमित नहीं है. इससे पर्यटन, व्यापार, स्थानीय रोजगार और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा. साँची, विदिशा, अशोकनगर और शिवपुरी जैसे ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व वाले शहर अब आधुनिक रेलवे अवसंरचना से जुड़कर मध्य प्रदेश के विकास को नई गति देने के लिए तैयार हैं.
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