
बुधवार को दिल्ली में एक रैली में प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया था कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने परिवार सहित युद्धपोत आईएनएस विराट का इस्तेमाल 30 साल पहले छुट्टी मनाने के लिए किया था. गुरुवार को कांग्रेस ने उनको सीरियल लायर करार दिया. जबकि प्रधानमंत्री के आरोप को पूर्व नौसेना प्रमुख रामदास ने भी तत्कालीन एडमिरल और वाइस एडमिरल के हवाले से ख़ारिज किया.
दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी के इस आरोप के बाद बीजेपी और कांग्रेस में तलवारें खिंच गई हैं. कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने गुरुवार को पीएम मोदी को सीरियल लायर (Serial liar) करार दिया. जबकि बीजेपी प्रवक्ता शाहनवाज़ हुसैन ने पीएम के बयान पर कांग्रेस से स्पष्टीकरण मांगा.
इस विवाद के बीच एनडीए के घटक दल जेडीयू ने राजीव गांधी को शहीद बताया. पार्टी के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने एनडीटीवी से कहा, "पीएम के पास कई तरह की खुफिया जानकारी होती है और सार्वजनिक तौर पर जो जानकारी उन्होंने शेयर की है उस पर आपत्ति उठाने का या असहमति व्यक्त करने का प्रश्न ही खड़ा नहीं होता है. लेकिन जहां तक उनकी हत्या की बात है, उनकी हत्या एलटीटीई द्वारा हुई है. और वो इस कार्य के लिए शहीद हुए थे, ये कहने में हमें संकोच नहीं है."
लोकसभा चुनाव का छठा चरण आते-आते 28 साल पहले दिवंगत हुए नेता को लेकर उठे आरोप-प्रत्यारोप में कांग्रेस-बीजेपी उलझती जा रही हैं...मुश्किल ये है कि इसकी वजह से आम लोगों से जुड़े मुद्दे पीछे छूटते जा रहे हैं.
इस राजनीतिक बहस के बीच पूर्व नेवी चीफ रिटायर एडमिरल एल रामदास ने प्रधानमंत्री मोदी के दावे को सीधे-सीधे ख़ारिज कर दिया. एक पत्र जारी करते हुए एनडीटीवी से उन्होंने कहा INS विराट से राजीव गांधी लक्षद्वीप के सरकारी दौरे पर आए थे. उनके साथ सिर्फ़ उनकी पत्नी थीं, कोई विदेशी मेहमान नहीं. उनके किसी पारिवारिक कारण से INS विराट को कहीं भेजा नहीं गया था. मैंने आईएनएस विराट और नौसेना के अफ़सरों के लिखित जवाब के बाद ये बात कही है.
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