पीएम मोदी के खिलाफ टिप्पणी इस सपा उम्मीदवार को पड़ी भारी, मामला दर्ज 

समाजवादी पार्टी (सपा) उम्मीदवार शफीक उर रहमान बर्क को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ टिप्पणी करना भारी पड़ गया.

पीएम मोदी के खिलाफ टिप्पणी इस सपा उम्मीदवार को पड़ी भारी, मामला दर्ज 

शफीक उर रहमान बर्क को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ टिप्पणी करना भारी पड़ गया

नई दिल्ली :

समाजवादी पार्टी (सपा) उम्मीदवार शफीक उर रहमान बर्क को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ टिप्पणी करना भारी पड़ गया. अब उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. शफीक उर रहमान बर्क ने 11 अप्रैल को पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. चंदौसी की क्षेत्राधिकारी पूनम मिश्रा ने बताया कि बहजोई थाना के केला देवी क्षेत्र में एक सभा में सपा उम्मीदवार शफिक उर रहमान बर्क ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. इसके बाद उनके खिलाफ आदर्श आचार संहिता की धारा 123 व 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, नेताओं की बदजुबानी भी बढ़ गई है. 

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हाल ही में बीजेपी उम्मीदवार जयाप्रदा के खिलाफ सपा नेता आजम खान की अमर्यादित टिप्पणी 'खाकी अंडरवियर' को लेकर चुनाव आयोग को सख्त कदम उठाना पड़ा था. चुनाव आयोग ने जया प्रदा के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी कर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने पर आजम खान को 72 घंटे तक प्रचार करने पर रोक लगा दी थी. आजम खान ने रविवार को रामपुर में एक जनसभा के दौरान अप्रत्यक्ष रूप से जया प्रदा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. आजम खान ने कहा था 'जिसको हम ऊंगली पकड़कर रामपुर लाए, आपने 10 साल जिससे अपना प्रतिनिधित्व कराया...उसकी असलियत समझने में आपको 17 बरस लगे, मैं 17 दिन में पेहचान गया कि इनके नीचे का अंडरवियर खाकी रंग का है.' बता दें कि रामपुर से आजम खान सपा के उम्मीदवार हैं, जहां बीजेपी की ओर से जयाप्रदा मैदान में हैं.  

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वहीं, चुनाव आयोग ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भी 72 घंटे का बैन लगाया था. दरअसल, मेरठ में एक रैली को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि अगर कांग्रेस-बीएसपी-एसपी को 'अली' पर विश्वास है तो हमें भी बजरंगबली पर विश्वास है. इसके अलावा केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी पर भी चुनाव आयोग ने सख्ती दिखाई थी. मेनका गांधी ने मुस्लिम बहुल क्षेत्र तूराबखानी में एक चुनावी सभा में कहा था कि मैं लोगों के प्यार और सहयोग से जीत रही हूं, लेकिन अगर मेरी यह जीत मुसलमानों के बिना होगी तो मुझे बहुत अच्छा नहीं लगेगा. बीजेपी नेता ने कहा कि इतना मैं बता देती हूं कि फिर दिल खट्टा हो जाता है. फिर जब मुसलमान आता है काम के लिए, फिर मै सोचती हूं कि नहीं रहने ही दो क्या फर्क पड़ता है. आखिर नौकरी भी तो एक सौदेबाजी ही होती है, बात सही है या नहीं?'' . बता दें कि सुल्तानपुर से मेनका गांधी बीजेपी उम्मीदवार हैं. (इनपुट-भाषा से भी) 

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