
नई दिल्ली:
हिन्दी के लब्ध प्रतिष्ठित रचनाकार ज्ञानरंजन को ज्ञान गरिमा मानद अलंकरण प्रदान किया जाएगा. भारतीय ज्ञानपीठ द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया कि ज्ञानरंजन जाने माने लेखक होने के साथ ही पहल पत्रिका के संस्थापक संपादक हैं. इस पत्रिका ने हिन्दी साहित्य को एक नया मुकाम दिया है.
ज्ञानरंजन समाज के आधुनिक मूल्यों के समर्थक रहे हैं और अपने रचनाकर्म के जरिए निचले तबके के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की है. उनकी प्रमुख रचनाओं में 'फेंस' के इधर और उधर', 'यात्रा', 'क्षणजीवी', 'सपना नहीं' और 'कबाड़खाना' शामिल है.
विज्ञप्ति में बताया गया कि ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त लेखक केदारनाथ सिंह अगुवाई की वाले बोर्ड ने ज्ञानरंजन के नाम का चयन किया. इस योजना के तहत अगले एक वर्ष तक अलंकरण पाने वाले को मासिक मानदेय प्रदान किया जाता है.
ज्ञानरंजन समाज के आधुनिक मूल्यों के समर्थक रहे हैं और अपने रचनाकर्म के जरिए निचले तबके के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद की है. उनकी प्रमुख रचनाओं में 'फेंस' के इधर और उधर', 'यात्रा', 'क्षणजीवी', 'सपना नहीं' और 'कबाड़खाना' शामिल है.
विज्ञप्ति में बताया गया कि ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त लेखक केदारनाथ सिंह अगुवाई की वाले बोर्ड ने ज्ञानरंजन के नाम का चयन किया. इस योजना के तहत अगले एक वर्ष तक अलंकरण पाने वाले को मासिक मानदेय प्रदान किया जाता है.
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