'Sahitya' - 81 न्यूज़ रिजल्ट्स
  • Career | सोमवार फ़रवरी 22, 2021 12:24 PM IST
    केरल शास्त्र साहित्य परिषद ने ‘‘गौ विज्ञान'' पर राष्ट्रीय स्तर की स्वैच्छिक ऑनलाइन परीक्षा को रद्द करने की मांग करते हुए कहा कि यह अंधविश्वास फैलाने और देश में शिक्षा क्षेत्र का भगवाकरण करने की कोशिश है. परिषद ने हाल ही में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) द्वारा सभी कुलपतियों को जारी उस निर्देश को नजरअंदाज करने की नागरिक संस्थाओं से अपील की है, जिसके जरिए छात्रों को राष्ट्रीय कामधेनु आयोग (आरकेए) द्वारा आयोजित परीक्षा में बैठने के लिए प्रोत्साहित किया गया है. उल्लेखनीय है कि परिषद केरल में एक प्रगतिशील संगठन है और लोगों का विज्ञान आंदोलन है.
  • Literature | रविवार अप्रैल 26, 2020 07:19 AM IST
    आज की हिंदी नई और आत्मविश्वास से भरी हुई दिखाई देती है. पहले अधिकतर लेखक हिंदी विभागों से निकलते थे, आज अलग-अलग पृष्ठभूमियों के लेखक बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं. मुझे यह अधिक उत्साहवर्धक दिखता है कि आज हिंदी किताबों को पढ़ना शर्म की बात नहीं समझी जाती, हिंदी के लेखकों को बहुत जल्दी पहचान मिल जाती है. समाज के अलग अलग तबकों में हिंदी लेखकों को लेकर आकर्षण बढ़ गया है. यह देखकर अच्छा तो लगता ही है. लेकिन एक बात है कि अधिकतर लेखक आज बाज़ार को ध्यान में रखकर लिख रहे हैं, बिक्री के मानकों पर खरा उतरने के लिए लिख रहे हैं.
  • Literature | रविवार फ़रवरी 9, 2020 01:56 PM IST
    गिरिराज का जन्म आठ जुलाई 1937 को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फररनगर में हुआ था. उनके पिता ज़मींदार थे. गिरिराज ने कम उम्र में ही घर छोड़ दिया और स्वतंत्र लेखन किया. वह जुलाई 1966 से 1975 तक कानपुर विश्वविद्यालय में सहायक और उपकुलसचिव के पद पर सेवारत रहे तथा दिसंबर 1975 से 1983 तक आईआईटी कानपुर में कुलसचिव पद की जिम्मेदारी संभाली. राष्ट्रपति द्वारा 23 मार्च 2007 में साहित्य और शिक्षा के लिए गिरिराज किशोर को पद्मश्री पुरस्कार से विभूषित किया गया.
  • Literature | बुधवार जनवरी 1, 2020 02:25 AM IST
    साल भर किन किताबों की सोशल मीडिया पर चर्चा हुई, समीक्षाएं प्रकाशित हुई, लेकिन ज़ाहिर है कि हज़ारों किताबों में कुछ किताबों को ही चुना जा सकता था. इसलिए एक आधार यह भी रहा कि किताबें अलग-अलग विधाओं की हों, जैसे इस साल हिंदी में कम से कम चार जीवनियां ऐसी आई, जो हिंदी के लिए नई बात रही. इसलिए इस विधा को भी रेखांकित किया जाना ज़रूरी था.
  • India | सोमवार दिसम्बर 23, 2019 03:59 AM IST
    डॉ. नंजुंदन की ख्याति दर्जनों कन्नड़ किताबों को तमिल में अनुवाद करने की वजह से मिली. इन किताबों में ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता यू आर अनंतमूर्ति की कृति "भाव" और "अवस्थे" शामिल है. उन्हें साल 2012 में "अक्का" के लिए अकादमी अनुवाद पुरस्कार मिला. यह विभिन्न कन्नड़ लेखिकाओं की लघु कथा है जिसे उन्होंने तमिल में अनुवाद किया है. 
  • Blogs | बुधवार दिसम्बर 18, 2019 10:43 PM IST
    इस साल अपने कविता संग्रह 'छीलते हुए अपने को' के लिए साहित्य अकादेमी से सम्मानित नंदकिशोर आचार्य बीते तीन वर्षों में अकादेमी सम्मान प्राप्त हिंदी के सबसे युवा लेखक हैं- महज 74 साल के. वरना बीते साल यह सम्मान 75 साल की चित्रा मुद्गल को मिला और उसके पहले वाले साल 86 साल के रमेश कुंतल मेघ को.
  • Blogs | शनिवार जनवरी 26, 2019 12:08 AM IST
    एक किताब होती तो आपके लिए भी आसान होता लेकिन जब कोई लेखक रचते-रचते संसार में से संसार खड़ा कर देता है तब उस लेखक के पाठक होने का काम भी मुश्किल हो जाता है. आप एक किताब पढ़ कर उसके बारे में नहीं जान सकते हैं. जो लेखक लिखते लिखते समाज में अपने लिए जगह बनाता है, अंत में उसी के लिए समाज में जगह नहीं बचती है.
  • Blogs | शुक्रवार जनवरी 25, 2019 11:55 AM IST
    हिंदी साहित्य (Hindi Literature) में कृष्णा सोबती (Krishna Sobti) एक अलग ही मुकाम रखती थीं और उनका व्यक्तित्व उनकी किताबों जितना ही अनोखा था. 1980 में कृष्णा सोबती को उनकी किताब 'जिंदगीनामा' के लिए साहित्य अकादेमी (Sahitya Akademi Award) से नवाजा गया था तो 2017 में हिंदी साहित्य में उनके योगदान के लिए उन्हें ज्ञानपीठ (Jnanpith) पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
  • Blogs | गुरुवार जनवरी 17, 2019 04:15 PM IST
    नामवर सिंह अस्पताल में हैं. 92 बरस की उम्र में उन्हें सिर पर चोट लगी है. अगर प्रार्थना जैसी कोई चीज़ होती है तो हिंदी के संसार को उनके लिए प्रार्थना करनी चाहिए. हमारी पीढ़ी का दुर्भाग्य है कि हमने उन्हें उनके उत्तरार्द्ध में देखा- उस उम्र में जब उनकी तेजस्विता का सूर्य ढलान पर था.
  • Literature | मंगलवार सितम्बर 25, 2018 05:14 PM IST
    राष्ट्रीय राजधानी के मंडी हाउस इलाके में स्थित साहित्य अकादेमी की ओर से रवींद्र भवन के सभागार में 25 सितंबर को अखिल भारतीय मैथिली काव्योत्सव का आयोजन किया जा रहा है. यह आयोजन सुबह 10 बजे शाम 6 बजे तक चलेगा. साहित्य अकादेमी की विज्ञप्ति के अनुसार, उद्घाटन सत्र में प्रेम मोहन मिश्र आरंभिक वक्तव्य देंगे.
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