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फाइटर जेट की तरह पैसेंजर प्लेन या प्राइवेट जेट में क्यों नहीं रखे जाते हैं पैराशूट?

पैसेंजर विमानों में पैराशूट न होने के पीछे कई तकनीकी और सुरक्षा से जुड़े कारण होते हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक, पूरे विमान की सुरक्षित लैंडिंग यात्रियों के कूदने से कहीं ज्यादा सुरक्षित विकल्प है.

फाइटर जेट की तरह पैसेंजर प्लेन या प्राइवेट जेट में क्यों नहीं रखे जाते हैं पैराशूट?

Why Fighter Jets Have Parachutes : आपने कई बार फिल्मों में फाइटर जेट में से पायलट को पैराशूट लेकर नीचे कूदते देखा होगा. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि पैसेंजर प्लेन या प्राइवेट जेट में पैराशूट क्यों नहीं होता? क्या ऐसा सिर्फ तकनीकी या सुरक्षा कारणों की वजह से होता है? आज के इस आर्टिकल में हम इसी बात को समझेंगे कि आखिर क्यों फाइटर जेट और कमर्शियल एयरक्राफ्ट में यह बड़ा अंतर है.

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फाइटर जेट में पैराशूट क्यों होता है - Why Fighter Jets Have Parachutes

फाइटर जेट बहुत तेज स्पीड से उड़ते हैं और अक्सर खतरनाक मिशनों पर जाते हैं. इनके उड़ान के दौरान इंजन फेल होना, मिसाइल हमला या अन्य तकनीकी दिक्कतें आ सकती हैं. ऐसे समय में पायलट के लिए पैराशूट जीवन रक्षक की तरह काम करता है. खतरनाक हालात में पैराशूट से पायलट को सुरक्षित जमीन पर उतरने का मौका मिलता है.

पैसेंजर और प्राइवेट जेट में पैराशूट क्यों नहीं होता | Why Passenger and Private Jets Don't Have Parachutes

उड़ान की ऊंचाई और गति - Flight Altitude and Speed

कमर्शियल और प्राइवेट जेट बहुत ऊंचाई पर उड़ते हैं (लगभग 30,000–40,000 फीट) और उनकी स्पीड भी बहुत तेज होती है. इतनी ऊंचाई पर, अगर कोई अचानक बाहर कूदता है, तो ऑक्सीजन की कमी और ठंडे तापमान के चलते जिंदा रहना मुश्किल हो सकता है.

एरोडायनामिक्स और एयरक्राफ्ट का डिजाइन - Aerodynamics and Aircraft Design

पैसेंजर और प्राइवेट जेट्स बड़े और भारी होते हैं. इनके विंग और इंजन इस तरह डिजाइन किए गए हैं कि उड़ान स्थिर रहे. किसी यात्री के बाहर कूदने से इंजन या विंग के पास जाना खतरनाक हो सकता है. इसके अलावा, इन विमानों में बहुत सारे लोग होते हैं, इसलिए सभी के लिए पैराशूट रखना प्रैक्टिकल नहीं है.

सेफ्टी और ट्रेनिंग - Safety and Training

फाइटर जेट पायलट प्रशिक्षित होते हैं कि इमरजेंसी में कैसे बाहर निकलना है. पैसेंजर और प्राइवेट जेट के यात्रियों को इस तरह की ट्रेनिंग नहीं मिली होती. ऐसे में अगर सामान्य यात्री बिना तैयारी के कूदते हैं, तो यह और भी खतरनाक साबित हो सकता है.

यानी, पैसेंजर और प्राइवेट जेट में पैराशूट न रखने के पीछे सिर्फ सेफ्टी ही नहीं, बल्कि कई टेक्निकल और प्रैक्टिकल वजहें भी हैं. ऐसे विमानों के लिए इमरजेंसी में सुरक्षित उतरने के लिए दूसरे उपाय जैसे इमरजेंसी स्लाइड और इमरजेंसी लैंडिंग अपनाई जाती हैं.

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