रोजमर्रा की जिंदगी में हम लोग कई ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, जो काफी आम होते हैं. सबसे खास बात ये है कि इनमें से कई शब्दों का सही मतलब हमें पता नहीं होता है. महिलाओं के लिए भी ऐसे कई शब्द इस्तेमाल किए जाते हैं, जिसमें एक 'औरत' शब्द भी है. लगभग सभी लोग इस शब्द का रोजाना इस्तेमाल करते हैं और महिलाओं को इसी शब्द से कई बार संबोधित किया जाता है. इस शब्द को लेकर विरोध भी खूब होता है. मशहूर लिरिसिस्ट मनोज मुंतशिर से लेकर कई लोग इसका विरोध करते आए हैं. आइए जानते हैं कि क्यों इस शब्द का विरोध होता आया है.
औरत शब्द को बैन करने की मांग
औरत शब्द का मतलब बताने से पहले ये जान लीजिए कि इस शब्द को बैन करने की मांग कई बार हो चुकी है. कुछ संगठनों ने कई मौकों पर इसके इस्तेमाल पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की बात कही है. एक समाज श्रेष्ठ समाज नामक संस्था ने हाल ही में ऐसी मांग की थी, जिसमें उन्होंने कहा था कि ये शब्द अरबी गुलामी की मानसिकता वाला है. इसीलिए इसे स्कूलों की पढ़ाई से हटाया जाना चाहिए.
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क्या होता है 'औरत' का मतलब?
औरत शब्द अरबी भाषा से आया है, जो अवरा शब्द से बना है. अरबी भाषा में इसका असली मतलब किसी महिला का गुप्तांग होता है. तमाम हिंदी भाषी संगठनों और लोगों को इस बात से ऐतराज है कि जिस संस्कृति में एक स्त्री को उसके गुप्तांग से पहचाना जाता है, उसे स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए. गीतकार और लेखक मनोज मुंतशिर कई बार इसका खुलकर विरोध कर चुके हैं. उनका कहना है कि बेटी, बहनों या माताओं के लिए इस शब्द का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए.
अब आप समझ गए होंगे कि हमने ये क्यों कहा था कि अगर आप इस शब्द का असली मतलब जान लेंगे को आपको इसे लेने में हिचकिचाहट जरूर होगी. अगर आपसे कोई इस शब्द का मतलब पूछता है तो आप उसे ये जानकारी दे सकते हैं. इसके अलावा अपने दोस्तों और बाकी लोगों के साथ ये जानकारी खुद भी शेयर कर सकते हैं.
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