Eclipse Facts: ग्रहण का नाम सुनते ही लोगों के मन में ढेर सारे सवाल आने लगते हैं. सबसे आम सवाल ये होता है कि क्या दुनिया में कोई ऐसी जगह है जहां कभी ग्रहण नहीं दिखता. क्या कोई देश ऐसा है जो हमेशा के लिए सूर्य और चंद्र ग्रहण से बचा रहता है. सोशल मीडिया पर भी इसको लेकर कई तरह की बातें सुनने को मिलती हैं. कोई कहता है हां, कोई कहता है नहीं. लेकिन जब इस सवाल को विज्ञान की नजर से समझते हैं तो जवाब बहुत साफ और मजेदार निकलता है.
ग्रहण आखिर होता कैसे है?
ग्रहण एक प्राकृतिक घटना है जो अंतरिक्ष में होने वाली हलचल की वजह से होती है. जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा एक सीध में आ जाते हैं तब ग्रहण लगता है. सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच आकर सूरज की रोशनी को ढक लेता है. वहीं चंद्र ग्रहण तब होता है जब पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है. ये पूरी तरह प्रकृति का खेल है.
क्या कोई देश ग्रहण से हमेशा दूर रह सकता है
विज्ञान कहता है कि पृथ्वी पर ऐसी कोई जगह नहीं है जहां कभी ग्रहण न लगे. हां, हर ग्रहण हर देश से दिखाई दे ये जरूरी नहीं है. इसकी वजह ये है कि ग्रहण के समय चंद्रमा की छाया पृथ्वी के छोटे से हिस्से पर ही पड़ती है. जो इलाके इस छाया के रास्ते में आते हैं वहीं लोग ग्रहण देख पाते हैं. बाकी जगहों पर उस समय कुछ खास नहीं दिखता.
छाया का असर सीमित क्यों होता है
चंद्रमा पृथ्वी से काफी छोटा है. इसलिए उसकी छाया भी छोटी होती है. कई बार ये छाया सिर्फ कुछ हजार किलोमीटर के इलाके में ही रहती है. इसी वजह से किसी शहर में ग्रहण देखने का मौका कई बार बहुत लंबे समय बाद मिलता है. जबकि दुनिया के दूसरे हिस्सों में ग्रहण ज्यादा बार दिखाई दे सकता है.
भारत में कई बार ग्रहण क्यों नहीं दिखता
ऐसा कई बार हुआ है जब ग्रहण भारत से नजर ही नहीं आया. कारण ये है कि उस समय छाया दुनिया के दूसरे हिस्सों पर पड़ रही होती है. यानी ग्रहण लग रहा होता है, लेकिन वो हमें दिखाई नहीं देता.
विज्ञान का साफ निष्कर्ष
पृथ्वी लगातार घूमती रहती है और हर बार छाया अलग रास्ते से गुजरती है. इसलिए लंबे समय में दुनिया का लगभग हर हिस्सा किसी न किसी ग्रहण को जरूर देखता है. सीधी बात ये है कि कोई भी देश ऐसा नहीं है जहां ग्रहण कभी न लगे. फर्क सिर्फ इतना है कि हर ग्रहण हर जगह दिखाई नहीं देता.
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