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पेट्रोल-डीजल से एक महीने में कितना कमाती है सरकार? लगता है इतने तरह का टैक्स

Government Income From Petrol Diesel: पेट्रोल और डीजल पर केंद्र ने एक्साइज ड्यूटी कम कर दी है, जिसके बाद सरकार की जेब पर कटौती होगी. सरकार पेट्रोलियम सेक्टर से हर साल लाखों करोड़ रुपये कमाती है.

पेट्रोल-डीजल से एक महीने में कितना कमाती है सरकार? लगता है इतने तरह का टैक्स
Government Income From Petrol Diesel: पेट्रोल डीजल से कितना कमाती है सरकार

Government Income From Petrol Diesel: ईरान के साथ अमेरिका और इजरायल के युद्ध के बीच दुनियाभर में आर्थिक मंदी के बादल मंडरा रहे हैं. युद्ध के चलते पेट्रोल-डीजल समेत गैस और बाकी कई चीजों की किल्लत हो रही है. दुनियाभर के कई देशों को इन हालातों में तेल के दाम बढ़ाने पड़ रहे हैं, इसी बीच भारत सरकार ने भी बड़ा फैसला लिया है और पेट्रोल-डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी को घटाकर फिलहाल हालात को काबू करने की कोशिश की गई है. आसान भाषा में कहें तो सरकार ने आम जनता पर बोझ बढ़ने से पहले अपनी जेब से कटौती की है. ऐसे में सवाल है कि आखिर केंद्र सरकार पेट्रोल और डीजल से कितनी कमाई करती है और इन पर कितने तरह का टैक्स लगता है? 

पेट्रोल-डीजल से भरता है सरकार का खजाना

पेट्रोल-डीजल ऐसी चीजें हैं, जिसका इस्तेमाल लाखों लोग रोजाना करते हैं. देश में चलने वाली करोड़ों गाड़ियां और बाकी वाहन जो पेट्रोल-डीजल भरवाते हैं, उसमें प्रति लीटर से सरकार की जेब में पैसा जाता है. सबसे पहले ये जान लेते हैं कि सरकार इन पर कितना टैक्स वसूलती है. 

  • सरकार अब तक पेट्रोल पर 13 रुपये एक्साइज ड्यूटी लगाती थी, जिसे अब 10 रुपये कम करके 3 रुपये कर दिया गया है. 
  • डीजल पर प्रति लीटर 10 रुपये एक्साइज ड्यूटी थी, जिसे अब शून्य कर दिया गया है. 
  • क्रूड ऑयल के दाम घटना या बढ़ने पर सरकार कई बार एक्साइज ड्यूटी में कटौती या बढ़ोतरी करती है.  
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पेट्रोल-डीजल पर कितने तरह का टैक्स?

पेट्रोल और डीजल पर केंद्र की एक्साइज ड्यूटी के अलावा राज्य सरकारों का वैट भी लगता है. यही वजह है कि पेट्रोल की कीमत इसके बेस प्राइज से लगभग दोगुनी हो जाती है. इसके बाद इसमें ट्रांसपोर्ट चार्ज और डीलर कमीशन भी जुड़ता है. इसके अलावा सेस और बाकी चार्जेस भी शामिल होते हैं. 

  • पेट्रोल पर केंद्र सरकार का हिस्सा -  3 रुपये प्रति लीटर
  • डीजल पर केंद्र सरकार का हिस्सा - शून्य 
  • पेट्रोल पर राज्य सरकार का हिस्सा - करीब 32 से 35 रुपये (राज्य अपने हिसाब से टैक्स लगाते हैं)
  • डीजल पर राज्य सरकार का हिस्सा - प्रति लीटर 20 से 25 रुपये तक 
  • डीलर कमीशन - करीब 5 रुपये 
  • ट्रांसपोर्टेशन चार्ज - करीब 3 रुपये 
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कितना कमाती है केंद्र सरकार?

अब उस सवाल पर आते हैं कि आखिर केंद्र सरकार की जेब में पेट्रोल और डीजल से कितना पैसा जाता है. साल 2023 में संसद में इसे लेकर एक सवाल पूछा गया था, जिसके जवाब में सरकार ने बताया था कि पेट्रोल-डीजल से 2021 और 2022 में सरकार की कुल कमाई कितनी थी. 

सरकार की तरफ से बताया गया था कि वित्त वर्ष 2022 के पहले 9 महीनों में पेट्रोलियम सेक्टर से सरकार की कुल कमाई 5.45 लाख करोड़ रुपये थी. इसमें 3.08 लाख करोड़ की कमाई केंद्र सरकार की और बाकी 2.37 लाख करोड़ की कमाई राज्य सरकारों की थी. महीने के हिसाब से देखें तो सरकार ने एक महीने में करीब 34,222 करोड़ रुपये की कमाई की. 

  • वित्त वर्ष 2021-22 में 7.74 लाख करोड़ रुपये की कमाई 
  • वित्त वर्ष 2020-21 में 6.72 लाख करोड़ रुपये 
  • वित्त वर्ष 2019-20 में 5.55 लाख करोड़ रुपये  
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सरकार की तरफ से जारी इन आंकड़ों में बेसिक एक्साइज ड्यूटी, स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी, रोड एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर सेस (उपकर), एग्रीकल्चर, कस्टम ड्यूटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट सेस जैसी चीजें शामिल थीं. इन सभी के चार्ज मिलाने के बाद सरकार को जो हिस्सा मिला, उसकी जानकारी संसद में दी गई. 

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