Cigarette Price: भारत सरकार ने 1 फरवरी से सिगरेट पर नई एक्साइज ड्यूटी लागू करने का फैसला किया है, जो सिगरेट की लंबाई के अनुसार 2050 से 8500 रुपये प्रति हजार स्टिक तक होगी. यह टैक्स मौजूदा 40 फीसदी GST के अतिरिक्त लगेगा. दुनिया भर में सिगरेट की कीमतें बहुत अधिक और अलग-अलग हैं. जहां कुछ देशों में यह बहुत सस्ती है, वहीं कई देशों में सरकारें 'सिन टैक्स' (Sin Tax) और कड़े स्वास्थ्य नियमों के जरिए से इसकी कीमतों को इतना बढ़ा देती हैं कि यह आम आदमी की पहुंच से बाहर हो जाए.
अगर हम साल 2026 के आंकड़ों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया (Australia) दुनिया का वह देश है जहां सिगरेट पीना सबसे ज्यादा महंगा है. ऑस्ट्रेलिया कई सालों से इस लिस्ट में टॉप पर बना हुआ है. यहां की सरकार ने तंबाकू के सेवन को कम करने के लिए एक बेहद आक्रामक टैक्स पॉलिसी अपनाई है. ऑस्ट्रेलिया में सिगरेट के एक मानक पैकेट (20-25 स्टिक) की औसत कीमत $45 से $50 AUD (लगभग 2,500 से 2,800 रु भारतीय रुपये) के बीच है.
ऑस्ट्रेलियाई सरकार हर साल तंबाकू पर प्रोडक्ड शुल्क (Excise Duty) में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी करती है. इसके कारण साल 2026 तक कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं. सरकार का उद्देश्य साल 2030 तक धूम्रपान की दर को 5 प्रतिशत से कम करना है.
न्यूजीलैंड (New Zealand)
ऑस्ट्रेलिया का पड़ोसी देश न्यूजीलैंड इस सूची में सेकेंड लिस्ट पर है. यहां एक पैकेट की कीमत लगभग $40 NZD (लगभग 2,000 रुपये रु) के आसपास है. न्यूजीलैंड ने 'स्मोक-फ्री 2025' का लक्ष्य रखा था. हालांकि हाल ही में कुछ नीतियों में बदलाव हुए हैं, लेकिन टैक्स रेट्स अभी भी दुनिया में सबसे हाय हैं (रिटेल प्राइस का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा टैक्स होता है.
इन देशों में भी है सिरगेट महंगी
ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बाद यूरोपीय देशों का नंबर आता है जहां स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी जाती है. आयरलैंड और यूके में एक पैकेट की कीमत £15 से £20 (लगभग ₹1,600 से ₹2,100) के बीच रहती है. नॉर्वे में भी कीमतें बहुत ज्यादा है क्योंकि स्कैंडिनेवियाई देश तंबाकू पर कंट्रोल रखते हैं. प्रशांत महासागर में बसे इस छोटे से द्वीप देश में भी सिगरेट बहुत महंगी है, क्योंकि यहां लगभग सब कुछ आयात करना पड़ता है और एक्सपोर्ट लागत बहुत अधिक होती है.
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कीमतें इतनी ज्यादा क्यों हैं?
ज्यादातर देशों में सिगरेट की मूल कीमत बहुत कम होती है, लेकिन सरकारें इस पर 70 प्रतिशत से 80 प्रतिशत तक टैक्स लगाती हैं. इसे 'सिन टैक्स' कहा जाता है ताकि लोग हानिकारक आदतों से दूर रहें. ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में ब्रांडिंग की अनुमति नहीं है. सिगरेट के पैकेट डरावनी तस्वीरों के साथ एक ही रंग के होते हैं, जिससे युवाओं में इसका आकर्षण कम हो जाता है.
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