- कर्नाटक के बीदर जिले के बसवकल्याण में हिंदू युवकों ने मुस्लिम मौलवियों पर कथित रूप से हमला किया था
- हमले के बाद मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोग पुलिस थाने के बाहर इकट्ठा होकर कार्रवाई की मांग करने लगे
- पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया और सीनियर अधिकारी स्थिति नियंत्रण में हैं
कर्नाटक के बीदर जिले के बसवकल्याण में उस वक्त हंगामा खड़ा हो गया, जब कथित तौर पर हिंदू युवकों ने मुस्लिम मौलवियों पर हमला कर दिया. इसके बाद बसवकल्याण पुलिस थाने के बाहर सैकड़ों की संख्या में मुस्लिम जमा हो गए और हिंदू युवकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे. बताया जा रहा है कि मौलवियों पर कथित हमले की खबर फैलने के बाद हजारों की संख्या में मुस्लिम पुलिस थाने के बाहर इकट्ठा हो गए और आरोपियों को हिरासत में लेने की मांग करने लगे.
देखते ही देखते हालात बिगड़ गए और प्रदर्शनकारियों ने थाने का घेराव करने की कोशिश की, जिससे इलाके में बवाल खड़ा हो गया. पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया. कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आईजी और एसपी समेत कई सीनियर पुलिस अधिकारी शहर में तैनात हैं.
हुआ क्या था?
इस मामले में बसवकल्याण थाने में FIR दर्ज की गई है, जिसमें 49 आरोपियों को नामजद किया गया है. यह घटना 3 मार्च की रात सवा 10 से साढ़े 10 बजे के बीच गांधी चौक के सामने हुई, जो पुलिस थाने से करीब 100 मीटर दूर है.
पुलिस ने बताया कि सैयद इमरान और मोहम्मद आरिफ नाम के दो लोगों पर कथित हमले से जुड़े एक पुराने मामले के बाद स्थिति बिगड़ गई. इसके बाद गांधी चौक पर कई लोग इकट्ठा हो गए और थोड़ी देर बाद दंगे जैसे हालात बन गए.
पुलिस ने भीड़ को वहां से चले जाने की अपील भी की. FIR में कहा गया है कि तभी लोगों ने पुलिस की टीम को उनकी ड्यूटी करने से रोका, हाथापाई की, उनकी वर्दी खींची और 'पुलिस को मत छोड़ो' जैसे नारे लगाए. कहा जा रहा है कि इस दौरान पुलिस टीम पर पत्थर भी फेंके गए.
इस दौरान पत्थरबाजी के कारण एएसआई मुख्तार पटेल के माथे और छाती के निचले हिस्से में अंदरूनी चोटें आईं. उन्हें तुरंत पुलिस की गाड़ी में इलाज के लिए बसवकल्याण के सरकारी अस्पताल ले जाया गया.
49 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज
इस घटना के सिलसिले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अलग-अलग धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है, जिसमें गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होना और दंगा करवाना, जानबूझकर किसी सरकारी कर्मचारी को चोट पहुंचाना, गंभीर चोट पहुंचाना और क्रिमिनल फोर्स का इस्तेमाल करना शामिल है. FIR में 49 लोगों को नामजद किया गया है. आरोपी बसवकल्याण, अल्ला नगर और महबूब नगर इलाकों के रहने वाले हैं. आरोपियों में अखिल, इजाज लातूर, बिलाल, बाबा चौधरी और असलम शामिल हैं.
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