Area 51 Aliens Truth: क्या ऋतिक रोशन की फिल्म 'कोई मिल गया' का 'जादू' आपको याद है? वही दूसरी दुनिया का प्राणी, जिसे एलियन कहा जाता है. दुनियाभर में अक्सर एलियन की चर्चा होती रहती है. अलग-अलग जगहों पर कई बार एलियंस के स्पेसक्राफ्ट (UFO) दिखने के दावे भी किए गए. जब-जब भी एलियंस की बात आती है, तो सबसे पहला नाम एरिया 51 का आता है. नेवादा के रेगिस्तान में मौजूद ये जगह दशकों से दुनिया का सबसे बड़ा रहस्य बना हुआ है. दावा किया जाता है कि अमेरिका ने यहां एलियन पकड़कर रखे जाते हैं. क्या वाकई यहां एलियंस को कैद कर रखा गया है. आइए जानते हैं कि एरिया 51 का सच क्या है.
एलियंस की थ्योरी कहां से आई
एरिया 51 और एलियंस का कनेक्शन 1947 की एक घटना से जुड़ा है. 1947 में अमेरिका के रोसवेल में एक चीज क्रैश हुई थी. लोगों ने कहा कि वो एलियंस का स्पेसक्राफ्ट (UFO) था और उसमें से एक एलियन जिंदा बच गया था, जिसे एरिया 51 में छिपाकर रखा गया. हालांकि, अमेरिकी आर्मी ने 1994 में साफ किया कि वो कोई UFO नहीं, बल्कि रूस की जासूसी करने वाला एक वेदर बैलून था.
बॉब लजार के दावे ने मचाई खलबली
1989 में बॉब लजार नाम के एक शख्स ने दुनिया के सामने दावा किया कि उसने एरिया 51 में काम किया है. उसने कहा कि वहां दूसरी दुनिया से आए 9 स्पेसक्राफ्ट छिपाकर रखे गए हैं और वैज्ञानिक उन पर 'रिवर्स-इंजीनियरिंग' यानी उनकी तकनीक को समझने का काम कर रहे हैं. इसी दावे के बाद पूरी दुनिया में एरिया 51 को लेकर कौतूहल बढ़ गया.
क्या कहते हैं राष्ट्रपति और बड़े अधिकारी
एलियंस को लेकर अमेरिकी सत्ता के गलियारों में भी हमेशा हलचल रहती है. एयरफोर्स के पूर्व अधिकारी डेविड ग्रुश ने कहा कि सरकार के पास एक एलियन स्पेसक्राफ्ट और उसके मृत पायलट के अवशेष हैं. हालांकि, इंटेलिजेंस एजेंसियों ने इन दावों को खारिज कर दिया. पूर्व राष्ट्रपति ओबामा ने एक बार मजाक में कहा था कि राष्ट्रपति बनने के बाद उनका पहला सवाल यही था कि एलियंस कहां हैं. उन्होंने स्वीकार किया कि ऐसी चीजें देखी गई हैं जिनका हमें पता नहीं कि वे क्या हैं. 19 फरवरी 2026 को राष्ट्रपति ट्रम्प ने आदेश दिया कि UFO और एलियंस से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं. उनकी बहू लारा ट्रम्प के मुताबिक, राष्ट्रपति इस पर एक बड़ा भाषण भी देने वाले हैं.
एरिया 51 की असलियत क्या है
एरिया 51 अमेरिका के नेवादा राज्य में बना एक सीक्रेट एयरबेस है. ये इतना सुरक्षित और गुप्त है कि यहां आम लोगों का जाना सख्त मना है. इसके पास ही नेवादा न्यूक्लियर टेस्ट साइट भी है, जहां अमेरिका ने 1950 से 1990 के बीच कई परमाणु धमाके किए थे. 2013 में जब CIA ने कुछ दस्तावेज सार्वजनिक किए, तब पता चला कि ये जगह असल में कोई एलियन रिसर्च सेंटर नहीं, बल्कि हथियारों और टोही विमानों (जैसे U-2) की टेस्टिंग साइट है.
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