- हजारीबाग के रामनवमी जुलूस में हथियार प्रदर्शन और आपसी झगड़ों के कारण दो लोगों की मौत हुई है
- इस घटना में चार सौ से अधिक लोग घायल हुए, जिनका सदर अस्पताल और निजी नर्सिंग होम में इलाज चल रहा है
- पांच घायल व्यक्तियों की हालत गंभीर होने पर उन्हें बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल में रेफर किया गया है
हजारीबाग में रामनवमी जुलूस में हथियार प्रदर्शन और आपसी झगड़ों में दो लोगों की मौत हो गई है... जबकि 400 से अधिक लोग घायल हुए हैं. घायलों का इलाज सदर अस्पताल में के अलावा निजी नर्सिंग होम में किया जा रहा है. घायलों में पांच की स्थिति नाजुक बताई जा रही है जिन्हें सदर अस्पताल ने बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल में रेफर किया है.
हजारीबाग के ऐतिहासिक रामनवमी जुलूस में हथियार प्रदर्शन और आपसी झगड़ों में दो लोगों की मौत हो गई है, जबकि 400 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं. घायलों को सदर अस्पताल और निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है. घायल हुए लोगों में पांच की हालत नाजुक बताई जा रही है. गंभीर रूप से घायल हुए पांचों लोगों को सदर अस्पताल से दूसरे अस्पताल में रेफर किया गया है.
हजारीबाग की रामनवमी का जुलूस काफी प्रसिद्ध है, जो 36 घंटे तक चलता है. इसे देखने के लिए देश-विदेश से रामभक्त आते हैं. हजारीबाग में शोभा यात्रा और जुलूस अभी जारी है. जुलूस के दौरान अलग-अलग अखाड़ों के बीच विवाद होने की खबरें भी सामने आती रहती हैं. ऐसी ही झड़प इस बार हुई है.
यह भी पढ़ेंः हजारीबाग का विश्वप्रसिद्ध ऐतिहासिक रामनवमी जुलूस, उमड़ा जनसैलाब, देखें खूबसूरत तस्वीरें
हजारीबाग में क्या कुछ हुआ?
जानकारी के मुताबिक, आगे बढ़ने को लेकर मंडई कला और नगवा के अखाड़े के लोगों के बीच मारपीट हुई. इसके बाद शोभा यात्रा में शामिल ट्रकों, डीजे और लाइटों में तोड़फोड़ की गई. इसके बाद यहां हंगामा खड़ा हो गया और अफरा-तफरी मच गई.
दो लोगों की मौत
बताया जा रहा है कि रामनवमी जुलूस के दौरान झंडा चौक पर एक व्यक्ति के सीने में चाकू लग गया. उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन उसकी मौत हो गई. उसकी पहचान अभिषेक वर्मा के रूप में हुई है. इस घटना में एक और व्यक्ति की मौत हुई है.
यह भी पढ़ेंः हजारीबाग की इंटरनेशनल रामनवमी में अभूतपूर्व सुरक्षा: ड्रोन से निगरानी, झांकियों की GPS ट्रैकिंग; अखाड़ों के कोड
सुरक्षा के बावजूद अखाड़ों में विवाद
नवमी और दसवीं की जुलूस में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए हजारीबाग जिला प्रशासन ने सुरक्षा के सारे बंदोबस्त कर रखे थे. पांच हजार से ज्यादा जवानों की तैनाती की गई. अखाड़ों के बीच किसी तरह का विवाद उत्पन्न ना हो इसे लेकर रामनवमी समिति की बैठक में प्रशासन ने अपील की थी. कई दिशानिर्देश भी जारी किए गए थे. लेकिन कुछ अखाड़ों में शामिल कुछ लोगों की जिद की वजह से मारपीट की घटनाएं हुई हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं