- रांची के कडरू न्यू एजी कॉलोनी में एक परिवार ने डिप्रेशन और तनाव के कारण आत्महत्या की कोशिश की थी.
- परिवार के बेटे मिहिर शेखर ने फांसी लगाकर जान दे दी, जबकि मां स्नेहा अखौरी और बहन सौम्या का इलाज जारी है.
- मिहिर की नौकरी चली गई थी और मौसी के निधन ने उसके मानसिक तनाव को और बढ़ा दिया था.
रांची के कडरू न्यू एजी कॉलोनी में सोमवार को डिप्रेशन और बढ़ते तनाव ने एक परिवार की तीन जिंदगियों को खतरनाक मोड़ पर ला खड़ा किया. अरगोड़ा थाना क्षेत्र में रहने वाली अधिवक्ता स्नेहा अखौरी के परिवार ने एक साथ आत्महत्या की कोशिश की. परिवार के बेटे मिहिर शेखर (30) ने फांसी लगाकर जान दे दी, जबकि उसकी मां स्नेहा अखौरी (50) और 14 वर्षीय बहन सौम्या ने नींद की गोलियां खाकर खुद को खत्म करने की कोशिश की. बेटे की तो जान चली गई जबकि मां-बेटी का इलाज गुरुनानक अस्पताल में चल रहा है.
चार दिनों तक घर में बंद रहा परिवार, किसी को नहीं लगी भनक
पड़ोसियों को चार दिनों तक परिवार के घर में किसी गतिविधि का अंदेशा तक नहीं हुआ. सोमवार को अचानक घर के भीतर से कुछ गिरने की आवाज सुनकर पास में ही रहने वाली स्नेहा की भाभी, सुधा सिन्हा ने दरवाजा खटखटाया. दरवाजा खुला तो बदहवाश मां‑बेटी को देखकर पड़ोसी हैरान रह गए. इसी दौरान पता चला कि मिहिर फांसी पर झूल चुका है.
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तनाव में था मिहिर, नौकरी जाने से टूट गया था
पुलिस जांच में सामने आया कि मिहिर शेखर ने CMA (कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंट) की पढ़ाई पूरी की थी. एक माह पहले उसे कोलकाता में नौकरी मिली थी, लेकिन रांची लौटने के बाद उसकी नौकरी चली गई. दरअसल 13 जनवरी को उसकी मौसी के निधन ने उसे और तोड़ दिया. मिहिर कई दिनों से तनाव में था और मां से कहता था कि 'अब जीने का मन नहीं है.' हालांकि पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है.
नियमित रूप से दवाइयों पर निर्भर थीं मां
परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, स्नेहा अखौरी नींद की दवाइयां नियमित तौर पर लेती थीं. उनके पास मौजूद दवाइयां ही सोमवार को जहर के रूप में मां‑बेटी ने सेवन कर लीं.
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पिता की मौत के बाद घर में बढ़ गया था तनाव
परिवार के मुखिया और मिहिर के पिता का एक साल पहले निधन हो चुका था. तब से परिवार मानसिक और आर्थिक दोनों मोर्चों पर संघर्ष कर रहा था. पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में आर्थिक तनाव भी एक बड़ी वजह के रूप में सामने आया है.
फोन पर बताया था- कोलकाता जा रहे हैं
परिवार की भाभी सुधा सिन्हा ने बताया कि शुक्रवार को स्नेहा ने फोन कर कहा था कि वह दोनों बच्चों के साथ कोलकाता जा रही हैं. शुक्रवार के बाद से घर में लाइट नहीं जली थी, इसलिए किसी को शक भी नहीं हुआ. सोमवार को ही घर के अंदर से आवाज आने पर अनहोनी का अंदेशा हुआ. इसके बाद जब दरवाजा खोला गया तो यह खौफनाक मंजर दिखा, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया.
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