Giridih Golgappa Case: झारखंड के गिरिडीह जिले में गोलगप्पे (पानी-पूरी) खाने से मचे कोहराम ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है. रविवार को दूषित गोलगप्पे खाने से शुरू हुआ बीमारों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब तक एक बच्चे की मौत हो चुकी है, जबकि अस्पताल में भर्ती मरीजों की संख्या बढ़कर 49 पहुंच गई है. पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गोलगप्पा विक्रेता ओभीलाल यादव को हिरासत में ले लिया है.
49 में 29 को मिली अस्पताल से छुट्टी 20 का इलाज अभी भी जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिले के उपायुक्त (DC) रामनिवास यादव रविवार देर रात बजटो-कुम्हरगढ़िया गांव पहुंचे थे. उन्होंने बीमार बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात की. ग्रामीणों ने इस दौरान एम्बुलेंस चालकों की मनमानी की भी शिकायत की, जिस पर DC ने सख्त जांच के आदेश दिए हैं. मृत बच्चे का पोस्टमार्टम भी रात में ही कराया गया ताकि मौत के सटीक कारणों का पता चल सके. लेकिन रिपोर्ट अभी तक सामने नहीं आई है. वही दोपहर बाद तक 29 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है. 20 लोगों का अभी जिला अस्पताल में इलाज तल रहा है. इन मरीजों में दूसरे गांवों के कुछ लोग भी शामिल है.
चाट और रंग के नमूनों को जांच के लिए भेजा कोलकाता लैब
हिरासत में लिए गोलगप्पा विक्रेता ओभी के घर से जांच के दौरान पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग को चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं. घर में छानबीन के दौरान चाट और रंग की पुड़िया मिली है जिसे जब्त कर लिया गया है. जिसका अमूमन प्रयोग कपड़ा रंगने के लिए किया जाता है. विक्रेता ने कबूल भी किया है कि वह मटर और आलू के छोले को आकर्षक बनाने के लिए इस 'केसरिया और लाल' रंग का इस्तेमाल करता था. खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजा कुमार ने बताया कि जब्त किए गए चाट और रंग के नमूनों को सीलबंद कर जांच के लिए कोलकाता लैब भेजा जा रहा है.
500 से अधिक गोलगप्पे उस दिन लोगों को खिलाए थे
इसके बाद गोलगप्पा बेचने वाले को थाने लेकर आए, जहां ओभी से मुफ्फसिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो के अलावा खाद्य सुरक्षा अधिकारी लगातार पूछताछ कर रहे है. प्रारम्भिक पूछताछ में ओभी ने बताया कि वह 15 जनवरी से गोलगप्पा बेचने का काम गिरिडीह में कर रहा है. सप्ताह में दो दिन वह गोलगप्पे बेचने कुम्हरगढ़िया में जाता है. शनिवार को भी वहां गया था लेकिन दोपहर बाद वह वही से बजटो में भी गोलगप्पा बेचने के लिए पहुंचा था. ओभी के मुताबिक उसने 500 से अधिक गोलगप्पे उस दिन लोगों को खिलाए थे. कुछ लोगों के उसका चाट भी खाया था. जिसे उसने इमली के पानी के साथ बेचा था.
रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी
वही मामले की जांच कर रहे खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजा कुमार ने बताया कि छोले के साथ रंग को जब्त किया गया है. अभी तक की पूछताछ में विक्रेता ने बताया है कि उसने इमली, धनिया पत्ता और घरेलू मसाले से ही गोलगप्पे के पानी को तैयार किया था. फिलहाल गोलगप्पा का पानी जब्त नहीं हो सका है. लेकिन उसके घर में लगे चापाकल के पानी का सैम्पल जांच के लिए भेजा गया है. इनकी रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जा सकेगी. तब कि यह जांच कि जा रही है कि गोलगप्पा के पानी के अलावा इसका मसाला कितना सही था. गर्मी के कारण क्या उक्त पदार्थ खराब तो नहीं हो गया था.
हिरासत में लेकर आगे की हो रही है जांच
वही मामले की जांच कर रही पुलिस ने भी बताया कि गोलगप्पे विक्रेता पर अभी किसी भी तरीके की प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई है. अपराध गंभीरतम श्रेणी के इसलिए हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. वही 6 साल के मासूम की पोस्मार्टम रिपोर्ट को लेकर जानकारी दी कि फिलहाल रिपोर्ट आने में अभी समय लगेगा, जैसे ही रिपोर्ट आएगी मौत के कारणों का खुलासा कर दिया जाएगा.
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