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धनबाद में आवारा कुत्तों के झुंड ने 5 साल के मासूम को नोंच-नोंच कर मार डाला, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

धनबाद में एक 5 साल के मासूम की आवारा कुत्तों ने काट-काटकर मार डाला. इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है. हादसे के बाद लोगों में प्रशासन की लापरवाही को लेकर आक्रोश है.

धनबाद में आवारा कुत्तों के झुंड ने 5 साल के मासूम को नोंच-नोंच कर मार डाला, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

Jharkhand News: झारखंड के धनबाद जिले से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है. गोनूडीह क्षेत्र की यादव बस्ती में कुत्तों के एक हिंसक झुंड ने 5 वर्षीय मासूम अंकित यादव पर हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया. यह घटना उस समय हुई जब अंकित घर के पास स्थित हनुमान मंदिर के समीप खेल रहा था. अचानक आवारा कुत्तों ने उसे घेर लिया और उसके गले, पेट और हाथ-पैर को बुरी तरह चीर डाला. जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे, मासूम की सांसें थम चुकी थीं.

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल 

अंकित की मौत के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा है. माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है और स्थानीय निवासियों में नगर निगम के खिलाफ भारी गुस्सा है. मृतक के चाचा रोहित यादव और समाजसेवी टुनटुन यादव ने नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन की सुस्ती के कारण आज एक मासूम की जान गई है. उन्होंने पीड़ित परिवार के लिए मुआवजे और आवारा कुत्तों से निजात दिलाने की मांग की है.

2025 में अब तक 150 से अधिक शिकार

धनबाद में आवारा कुत्तों की समस्या विकराल रूप ले चुकी है. साल 2025 में अब तक 150 से अधिक लोग इनके शिकार हो चुके हैं और पूरे झारखंड में यह आंकड़ा 2000 के पार है. राष्ट्रीय स्तर पर भी स्थिति भयावह है; WHO के अनुसार 2024-25 में रेबीज के कारण लगभग 30,000 मौतें दर्ज की गई हैं जिनमें अधिकांश बच्चे थे.

योजनाएं कागजों पर, सड़कों पर खौफ

धनबाद की सड़कों पर लगभग 1.5 लाख आवारा कुत्ते घूम रहे हैं. हालांकि नगर निगम ने नसबंदी के लिए 'केयर ऑफ एनिमल सोसाइटी' को जिम्मा सौंपा है और अब तक 10,634 कुत्तों की नसबंदी का दावा किया जा रहा है, लेकिन धरातल पर इसका असर शून्य है.

नगर निगम चुनाव के दौरान एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) प्रोग्राम के रुकने से कुत्तों की आबादी अनियंत्रित हो गई है. हीरापुर, धैया और वासेपुर जैसे इलाकों में अब लोग रात तो क्या, दिन में भी निकलने से डर रहे हैं.

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