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यमुना एक्सप्रेसवे पर ग्रेटर नोएडा के इन 2 सेक्टरों की लगी लॉटरी, 500-500 एकड़ में बनेगी जापान, सिंगापुर सिटी

यमुना एक्सप्रेसवे पर जापान और सिंगापुर सिटी बसाने के लिए ग्रेटर नोएडा के दो सेक्टरों में जमीन चिन्हित की गई है. दोनों शहरों के लिए 500-500 एकड़ की भूमि चिन्हित की गई है.

यमुना एक्सप्रेसवे पर ग्रेटर नोएडा के इन 2 सेक्टरों की लगी लॉटरी, 500-500 एकड़ में बनेगी जापान, सिंगापुर सिटी
Yamuna Authority
लखनऊ:

ग्रेटर नोएडा में जल्द ही जापान और सिंगापुर की झलक दिखाई देगी.यहां के दो सेक्टरों में (5 सौ एकड़ प्रत्येक) जापान और सिंगापुर सिटी बसाने का प्रस्ताव यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार को भेजा गया है. यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने सिंगापुर सिटी और जापान सिटी विकसित करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा है.यमुना अथॉरिटी ने अवसंरचना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त को बताया है कि इन दोनों प्रस्तावित शहर के लिए जमीन की पहचान कर ली गई है. प्राधिकरण के सीईओ आरके सिंह के मुताबिक, इन दोनों शहरों को लेकर भूमि अधिग्रहण का प्लान तैयार कर लिया गया.

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रस्तावित जापान और सिंगापुर यात्रा के पहले ये अहम पहल की गई है. यीडा ने सेक्टर-5A और सेक्टर-7 को इन दो शहरों के लिए जमीन आवंटित की है. यमुना अथॉरिटी के प्लान के तहत सेक्टर-7 और सेक्टर-5ए बहुउद्देश्यीय इंडस्ट्रियल एरिया के तौर पर चिन्हित हैं. इन इलाकों में भूमि का न्यूनतम 70 फीसदी औद्योगिक उपयोग तय किया गया है. आवासीय इस्तेमाल अधिकतम 12 फीसदी और कॉमर्शियल अधिकतम 13 और संस्थागत सुविधाएं न्यूनतम 5 फीसदी तय की गई हैं. इन दोनों सेक्टर को एक इंटीग्रेटेड औद्योगिक सिटी के रूप में तैयार किया जाएगा.

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जापान सिटी के लिए सेक्टर-5ए  ग्रेटर नोएडा में 500 एकड़ क्षेत्र रखा गया है. सिंगापुर सिटी के लिए सेक्टर-7 ग्रेटर नोएडा में 500 एकड़ भूमि रखी गई है. दोनों ही परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण किया जाएगा. इन सेक्टरों का विकास EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन) मोड पर किए जाने की तैयारी है.

जापान और सिंगापुर सिटी के विकास से यहां निवेश और रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी. साथ ही ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में निवेश को नई रफ्तार मिलेगी. जेवर एयरपोर्ट से नजदीकी भी इन दोनों शहरों की अहमियत बढ़ाएगी.यहां विदेशी कंपनियों के लिए डेडिकेटेड इंडस्ट्रियल हब बनाए जाएंगे. साथ ही लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी के लिए एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा. स्थानीय रोजगार बढ़ेंगे. ये परियोजना भूमि अधिग्रहण और अन्य जरूरी मंजूरी के साथ आगे बढ़ेगी.

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यीडा की ओर से प्रस्तावित जापान सिटी और सिंगापुर सिटी का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के साथ औद्योगिकीकरण की नई इबारत लिखेगा. ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-5ए और सेक्टर-7 में 1 हजार एकड़ में शासन की मंजूरी के बाद विकास प्रक्रिया तेज होगी. इसके साथ यमुना एक्सप्रेसवे का इलाका आने वाले सालों में औद्योगिक मानचित्र पर तेजी से उभरेगा.

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