'इन्नोप्रोम इंडिया' भारत और रूस के बीच व्यापारिक, औद्योगिक और तकनीकी तालमेल को बढ़ावा देने वाला एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक व्यापार मेला है. रूस के उद्योग और व्यापार मंत्रालय तथा भारत के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के सहयोग से इसका आयोजन पहली बार भारत में किया गया है.
भारत-रूस के बीच ₹9.45 लाख करोड़ का महा-टारगेट
इस मेले का सबसे मुख्य उद्देश्य भारत और रूस के बीच द्विपक्षीय व्यापार को साल 2030 तक लगभग ₹9.45 लाख करोड़ (100 बिलियन अमेरिकी डॉलर) तक पहुँचाना है. हाल के वर्षों में दोनों देशों का आपसी व्यापार तेजी से बढ़ा है और साल 2025 में यह 60 बिलियन डॉलर को पार कर गया था. अब दोनों देश केवल पारंपरिक व्यापार से आगे बढ़कर भारी विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), एडवांस टेक्नोलॉजी, डिजिटल स्पेस, और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं.
रूसी परमाणु रिएक्टर से लेकर फाइटर जेट्स तक का जलवा
इस भव्य प्रदर्शनी में रूस ने अपनी आधुनिकतम तकनीकों और इंजीनियरिंग कौशल का प्रदर्शन किया है. इसमें रूस के अत्याधुनिक 'VVER-1200' परमाणु रिएक्टर का एक विशाल मॉडल प्रदर्शित किया गया. इसके अलावा रूस की हैवी मशीनरी, दुर्लभ धातुओं से बने एलॉय, रूसी हेलीकॉप्टर और लड़ाकू विमानों (Aircrafts) के मॉडल भी प्रदर्शित किए गए हैं, जो दोनों देशों के बीच तकनीकी सहयोग की नई कहानी लिख रहे हैं.
भारत के स्मार्ट शहरों में रूसी निवेश की बड़ी संभावना
इस ऐतिहासिक आयोजन में भारत की तरफ से राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (NICDC) ने हिस्सा लिया है. भारत ने इस मंच पर देश के 13 राज्यों में विकसित हो रहे '20 इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटीज' के शानदार इकोसिस्टम को पेश किया. इन स्मार्ट शहरों में रूस और अन्य वैश्विक निवेशकों के लिए लगभग ₹5.35 लाख करोड़ (57 बिलियन डॉलर) के भारी-भरकम निवेश की संभावनाएं मौजूद हैं.
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