कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद (फाइल फोटो)
- देश विरोधी ताकतों को जड़ से खत्म करने के लिए हम प्रतिबद्ध : पीएम
- सरकार ने कश्मीर में बातचीत के सभी दरवाजे बंद कर दिए हैं - गुलाम नबी आजाद
- 'बंदूक कश्मीर में तनाव समाप्त करने का रास्ता नहीं हो सकता'
नई दिल्ली:
जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रियों पर आतंकी हमले की निंदा करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि सरकार राज्य में शांति बनाए रखने के लिए और देश विरोधी ताकतों को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं. वहीं रविवार को सर्वदलीय बैठक के बाद कांग्रेस ने कहा कि बंदूक कश्मीर में तनाव समाप्त करने का रास्ता नहीं हो सकता है और वह अन्य विपक्षी दलों के साथ सोमवार से शुरू हो रहे संसद सत्र के दौरान इस विषय को उठाएगी.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार ने कश्मीर में बातचीत के सभी दरवाजे बंद कर दिए हैं, जिससे राजनीतिक घुटन की स्थिति बनी है. बंदूक से कश्मीर में तनाव का समाधान नहीं निकाला जा सकता. अगर सरकार सोचती है कि कश्मीर में तनाव समाप्त करने का एकमात्र रास्ता बंदूक है, तो हम उनके साथ नहीं हैं. उल्लेखनीय है कि कश्मीर में तनाव की स्थिति को लेकर सरकार की नीतियों पर विपक्षी दल लगातार हमला करते रहे हैं.
(पढ़ें - जम्मू-कश्मीर में संकट सरकार की घोर नाकामी को दिखाता है : कांग्रेस की बैठक में सोनिया गांधी)
संसद के मॉनसून सत्र से पहले सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कुछ दिन पहले अमरनाथ यात्रियों पर आतंकवादी हमले से पूरा देश सदमे में हैं. मैं इस हमले में अपनी जान गंवाने वाल श्रद्धालुओं को श्रद्धांजलि देता हूं और मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ है. सरकार इस हमले के जिम्मेदार आतंकवादियों को सज़ा देकर ही रहेगी.
वीडियो
आतंकवाद पर सख्त रुख का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'जम्मू-कश्मीर में शांति बनाए रखने के लिए और देश विरोधी ताकतों को जड़ से खत्म करने के लिए हम सब पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.'
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार ने कश्मीर में बातचीत के सभी दरवाजे बंद कर दिए हैं, जिससे राजनीतिक घुटन की स्थिति बनी है. बंदूक से कश्मीर में तनाव का समाधान नहीं निकाला जा सकता. अगर सरकार सोचती है कि कश्मीर में तनाव समाप्त करने का एकमात्र रास्ता बंदूक है, तो हम उनके साथ नहीं हैं. उल्लेखनीय है कि कश्मीर में तनाव की स्थिति को लेकर सरकार की नीतियों पर विपक्षी दल लगातार हमला करते रहे हैं.
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संसद के मॉनसून सत्र से पहले सरकार की ओर से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि कुछ दिन पहले अमरनाथ यात्रियों पर आतंकवादी हमले से पूरा देश सदमे में हैं. मैं इस हमले में अपनी जान गंवाने वाल श्रद्धालुओं को श्रद्धांजलि देता हूं और मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ है. सरकार इस हमले के जिम्मेदार आतंकवादियों को सज़ा देकर ही रहेगी.
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आतंकवाद पर सख्त रुख का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा, 'जम्मू-कश्मीर में शांति बनाए रखने के लिए और देश विरोधी ताकतों को जड़ से खत्म करने के लिए हम सब पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.'
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