क्या है KCR का एजेंडा : तेलंगाना CM की विपक्षी नेताओं से मुलाकात के पीछे क्या हो सकती है रणनीति?

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव 2024 के राष्ट्रीय चुनावों से पहले समान विचारधारा वाले दलों और नेताओं से मिलने के लिए राष्ट्रीय सियासी दौरे पर हैं.

हैदराबाद:

तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव 2024 के राष्ट्रीय चुनावों से पहले समान विचारधारा वाले दलों और नेताओं से मिलने के लिए राष्ट्रीय सियासी दौरे पर हैं, उनकी तत्काल निगाहें जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव पर हैं. वह चाहते हैं कि विपक्षी दल संयुक्त उम्मीदवार उतारें. केसीआर, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव और दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल से मिल चुके हैं और बताया जा रहा है कि इस दौरान उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव की रणनीति पर चर्चा की है.

हालांकि, कांग्रेस तक पहुंचने का कोई प्रयास नहीं दिख रहा है. तेलंगाना राष्ट्र समिति के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि कांग्रेस भाजपा उम्मीदवार को चुनौती देने के लिए अन्य दलों द्वारा सहमत उम्मीदवार का समर्थन करने का विकल्प चुन सकती है.

केसीआर 26 मई को बेंगलुरु में पूर्व प्रधान मंत्री देवेगौड़ा और जनता दल (सेक्युलर) के नेता एचडी कुमारस्वामी से मुलाकात करेंगे. महीने के अंत में, वह बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस नेता ममता बनर्जी से मिलने के लिए पश्चिम बंगाल जाएंगे, उनका बिहार जाने का भी कार्यक्रम है.

दिलचस्प बात यह है कि केसीआर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव से मिलना चाहते हैं, जो केसीआर से मिलने के लिए हैदराबाद गए थे.

केसीआर के ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से भी संपर्क करने की संभावना है, जिनका समर्थन अहम हो सकता है. इससे पहले वह उनसे मिलने भुवनेश्वर गए थे.

तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने पिछले महीने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और राकांपा प्रमुख शरद पवार दोनों से मुलाकात करने के लिए मुंबई की यात्रा भी की थी. केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने हैदराबाद में केसीआर से मुलाकात की थी.

हालांकि, केसीआर के आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी से संपर्क करने का कोई संकेत नहीं दिख रहा है.

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बताया जा रहा है कि बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के पास अपने दम पर राष्ट्रपति चुनाव जीतने के लिए 9,194 वोट कम है. जीत के लिए वाईएसआर कांग्रेस और बीजू जनता दल दोनों अहम हो सकते हैं. साल 2017 में, न केवल युवजना श्रमिक रायथू कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) और बीजेडी बल्कि टीआरएस और तेलुगु देशम पार्टी ने भी एनडीए उम्मीदवार का समर्थन किया था.