पश्चिम बंगाल के मालदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में अगस्त महीने के दौरान 89 नवजातों की मौत के मामले में राज्य स्वास्थ्य विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है. अस्पताल के अधीक्षक (MSVP) प्रसेनजीत बोर और बाल रोग विभाग की प्रमुख सुश्मा शॉ को उनके पद से हटा दिया गया है.
जांच टीम ने किया था निरीक्षण
घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने 7 सदस्यीय विशेषज्ञ समिति बनाई थी. विभाग के अधिकारी प्रलय आचार्य के नेतृत्व में टीम ने पिछले सप्ताह अस्पताल के शिशु और प्रसूति विभागों का निरीक्षण किया था. अधिकारियों ने विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की कमी पर नाराजगी जताई थी और विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपने की बात कही थी.
नए अधिकारियों की नियुक्ति
स्वास्थ्य विभाग के आदेश के अनुसार, ईएनटी विभाग के प्रोफेसर गणेश चंद्र गेन को नया अस्पताल अधीक्षक बनाया गया है. वहीं एनआरएस मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर विश्वनाथ बसु को बाल रोग विभाग का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है. मालदा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य पार्थ प्रतिम मुखर्जी ने बताया कि दोनों अधिकारी सोमवार को पदभार संभालेंगे.
पहले भी हुए ऐसे मामले
अब यह कोई पहली बार नहीं है जब इस तरह से किसी अस्पताल में नवाजातों की मौत हुई हो. सिर्फ राज्य बदले हैं, जिले बदले हैं, लेकिन कई कारणों की वजह से मासूमों ने जान गंवाई है. ज्यादातर मामलों में अस्पताल प्रशासन की लापरवाही एक बड़ी वजह बनी है. मालदा मेडिकल कॉलेज में भी जिस प्रकार से 89 नवाजतों की मौत हुई है, सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर इसके लिए कौन जिम्मेदार है. कई बड़े अधिकारियों पर गाज गिरी है, लेकिन अभी भी मौतों की असल वजह सामने नहीं आई है.
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