मथुरा कृष्ण जन्मभूमि के पास 9 अगस्त को चित्रगुप्त पीठ के जगद्गुरु सच्चिदानंद (Jagadguru Sachidanand ) ने कार सेवा का ऐलान किया है. सच्चिदानंद महाराज का दावा है कि मथुरा के सभी संत और 13 अखाड़ों का उनको समर्थन है. सभी संत 9 अगस्त को कार सेवा के लिए मथुरा पहुंचेंगे. इसे लेकर NDTV ने जानने की कोशिश कि स्वामी सच्चिदानन्द स्वामी कौन हैं और इस बारे में मथुरा का संत समाज क्या कहता है? मथुरा से करीब 20 किमी दूर गोवर्धन के पास करीब 16 बीघा में फैले चित्रगुप्त पीठ की स्थापना चार साल पहले जगद्गुरु सच्चिदानन्द महाराज ने की थी. NDTV की टीम ने जब आश्रम का दौरा किया तो पता चला कि कारसेवा की रुपरेखा बनाने के लिए सच्चिदानन्द स्वामी हरिद्वार गए हैं, लेकिन आश्रम में मौजूद महामंडलेश्वर सुरेशानंद मिले. सुरेशानंद मे बताया कि कारसेवा की इच्छा चित्रगुप्त पीठ के जगद्गुरु स्वामी सच्चिदानन्द महाराज ने बहुत पहले से की थी. खुद योगी आदित्यनाथ कह चुके हैं कि अयोध्या काशी के बाद अब मथुरा की बारी है तो सरकार का संकेत भी साफ है.सरकार खुलेतौर पर नहीं बोलेगी लेकिन उनका यही इशारा है कि अब मथुरा के श्री कृष्ण जन्मस्थान पर भी अयोध्या की तर्ज पर कारसेवा की जाए.वो बताते हैं कि खुद सच्चिदानंद महाराज ने अखिलेश यादव को आमंत्रित किया है कि वो कारसेवा में हिस्सा लें. जब NDTV ने उनसे पूछा कि सुप्रीम कोर्ट ने यथास्थिति लगा रखी है तो हालात क्या बिगड़ेंगे नहीं? इसका जवाब देते वो बोले कि हालात जब जैसे बनेंगे तब का तब देखेंगे, लेकिन अभी संत समाज कार सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है.

महामंडलेश्वर सुरेशानंद से NDTV की बातचीत
दाऊद की कार भी जला चुके हैं स्वामी सच्चिदानन्द
हिन्दू महासभा के चक्रपाणि महाराज भी जगद्गुरु सच्चिदानंद की कार सेवा का समर्थन कर रहे हैं.हिन्दू महासभा ने भी 29 जुलाई को बैठक करने का ऐलान किया है. चक्रपाणि महाराज के साथ चित्रगुप्त पीठ के जगद्गुरु सच्चिदानंद महाराज लंबे समय तक जुड़े रहे हैं.खुद सच्चिदानंद स्वामी के आश्रम से जुड़े महामंडलेश्वर सुरेशानंद मानते हैं कि वो महाराज चक्रपाणि के साथ मुंबई में दाऊद इब्राहिम की कार खरीदकर लाए थे और फिर उसे सार्वजनिक तौर पर गाजियाबाद में चक्रपाणि महाराज के साथ सच्चिदानंद स्वामी ने भी जलाया था. उल्लेखनीय है कि 2015 में दाऊद की हुंडई एसेंट कार को 32000 में चक्रपाणि महाराज नीलामी में खरीद कर लाए थे फिर उसे सार्वजनिक तौर पर आग लगा दी थी.सच्चिदानंद स्वामी के आश्रम के नज़दीक रहने वाले किसान देवेंद्र सिंह ने बताया कि ये आश्रम तीन साल पहले ही बना है हालांकि काफी बड़ा प्रोजेक्ट है लेकिन फ़िलहाल यहां महाराज चित्रगुप्त की मूर्ति बनाई गई है.निर्माण कार्य लगातार चल रहा है.

फोटो: मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि
सुप्रीम कोर्ट ने की है मथुरा में यथास्थिति वाली बात
कृष्णजन्म भूमि पर हमेशा ही सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त हर रहते हैं. यूपी पुलिस से लेकर पैरामिलिट्री फोर्स की भी तैनाती रहती है.जन्मभूमि के 500 मीटर के दायरे की निगरानी हमेशा CCTV कैमरे से होती रहती है.कृष्ण जन्मभूमि और ईदगाह मस्जिद के पास की जमीन पर कारसेवा करने का ऐलान चित्रगुप्त पीठ के जगतगुरु स्वामी सच्चिदानन्द स्वामी ने किया है, लेकिन फ़िलहाल सुप्रीम कोर्ट ने यहां यथास्थिति को बनाए रखने को कहा है. ईदगाह मस्जिद पर हाईकोर्ट के सर्वे करने वाले आदेश पर भी सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी.
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