विज्ञापन

5 साल में 15 राज्यों में सरकारों की 'लाडली' हुईं महिलाएं, अब बनर्जी ने भी लुटाई ममता

इस वक्त करीब 15 राज्य महिलाओं को बिना शर्त कैश देने की योजना (UCT) चला रहे हैं. पिछले कुछ वर्षों में इसका ट्रेंड काफी बढ़ा है. 2013 में गोवा पहला राज्य था, जिसने महिलाओं को नकद रकम देने की योजना शुरू की थी.

5 साल में 15 राज्यों में सरकारों की 'लाडली' हुईं महिलाएं, अब बनर्जी ने भी लुटाई ममता
  • बंगाल चुनाव से पहले सीएम ममता बनर्जी ने लक्ष्मी भंडार योजना में 1700 रुपये तक महिलाओं को देने की घोषणा की है
  • लगभग 15 राज्य आधी आबादी को सशक्त बनाने के लिए सीधी आर्थिक मदद की योजनाएं चला रहे हैं.
  • 2013 में गोवा पहला राज्य था, जिसने महिलाओं के लिए बिना शर्त नकद रकम देने की योजना शुरू की थी

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को पार्टी घोषणापत्र जारी किया. 10 प्रतिज्ञाओं वाले इस घोषणापत्र की एक खास बात 'लक्ष्मी भंडार योजना' के तहत महिलाओं को हर महीने 1500 से 1700 रुपये देने की घोषणा है. ममता का वादा है कि सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये और SC/ST महिलाओं को 1,700 रुपये दिए जाएंगे. वैसे महिलाओं को नकद रकम देने की योजना देश में नई नहीं है. लगभग 15 राज्य आधी आबादी को सशक्त बनाने के लिए सीधी आर्थिक मदद की योजनाएं चला रहे हैं. 

ममता का महिलाओं के लिए बड़ा ऐलान

पश्चिम बंगाल में वैसे तो लक्ष्मी भंडार योजना पहले से चल रही है. फिलहाल इसके तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपये और एसटी-एसटी वर्ग की महिलाओं को 1200 रुपये दिए जाते हैं. अब ममता ने इसमें 500 रुपये का इजाफा करने का ऐलान किया है. ममता ने 2026-27 के अंतरिम बजट में भी इस बढ़ोतरी का जिक्र किया था. सरकार ने इस योजना में 20.62 लाख नए महिलाओं को जोड़ने की बात भी कही थी. इसके बाद इस योजना का लाभ लेने वाली कुल महिलाओं की संख्या 2.42 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है. पश्चिम बंगाल सरकार ने फरवरी 2021 में लक्ष्मी भंडार योजना की शुरुआत की थी. इसका मकसद आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना है ताकि वे अपनी जरूरत की चीजें और सेवाएं प्राप्त कर सकें. 25 से 60 साल तक की महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकती हैं. 

Latest and Breaking News on NDTV

1 से 15 राज्यों तक पहुंची कैश बेनिफिट स्कीम

इस वक्त करीब 15 राज्य महिलाओं को बिना शर्त कैश देने की योजना (UCT) चला रहे हैं. पिछले कुछ वर्षों में इसका ट्रेंड काफी बढ़ा है. 2013 में गोवा पहला राज्य था, जिसने महिलाओं के लिए बिना किसी शर्त के नकद रकम देने की योजना शुरू की थी. उसके बाद 2020 में असम ने भी ऐसी योजना शुरू की. असम सरकार ने 'अरुणोदय योजना' के तहत गरीब परिवारों की महिलाओं के खाते में सीधे रकम पहुंचाने की योजना शुरू की थी. इसके तहत परिवार की महिला मुखिया को पहले 830 रुपये हर महीने दिए जाते थे, जो अब बढ़कर 1000 रुपये हो चुका है. सरकार का दावा है कि 19 लाख से ज्यादा परिवारों को इसका फायदा हो रहा है. उसके बाद राज्यों में ऐसी योजनाएं लाने की होड़ लग गई. इसे चुनाव जीतने की गारंटी माना जाने लगा. बिहार ने तो हालिया चुनाव से पहले 75 लाख महिलाओं के खातों में 10 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए थे. 

Latest and Breaking News on NDTV

इन राज्यों में महिलाओं को मिल रहा कैश

  • पश्चिम बंगाल - लक्ष्मी भंडार योजना के तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,000 रुपये, SC/ST महिलाओं को 1,200 रुपये
  • मध्य प्रदेश - लाड़ली बहना योजना में महिलाओं को 1,500 रुपये हर महीने मिलते हैं
  • महाराष्ट्र - लाड़की बहिन योजना में पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये महीना दिए जाते हैं
  • कर्नाटक - गृह लक्ष्मी योजना में परिवार की महिला मुखिया को 2,000 रुपये प्रति माह का प्रावधान.
  • तमिलनाडु - कलैगनार मगलीर उरीमई थोगई योजना के तहत महिलाओं को हर महीने 1,000 की सहायता.
  • झारखंड - मुख्यमंत्री मैया सम्मान योजना- अक्टूबर 2024 में योजना की राशि 1,000 से बढ़ाकर 2,500 कर दी गई थी.
  • छत्तीसगढ़ - महतारी वंदन योजना में विवाहित महिलाओं के खाते में सरकार हर महीने 1,000 रुपये जमा करती है.
  • हिमाचल प्रदेश - प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि में 18 से 60 वर्ष की पात्र महिलाओं को 1,500 प्रति माह देने का प्रावधान है.
  • दिल्ली - मुख्यमंत्री महिला सम्मान योजना में सरकार ने महिलाओं के लिए 1,000 रुपये महीना देने की घोषणा की है
  • ओडिशा - सुभद्रा योजना के तहत महिलाओं को हर साल 10 हजार रुपये देने का वादा है, जो 5 साल तक मिलेंगे.
  • असम - अरुणोदय योजना के तहत सरकार महिलाओं को 1,250 रुपये देती है. हाल में 40 लाख महिलाओं के खाते में 9 हजार रुपये डाले हैं.
  • आंध्र प्रदेश - थल्लीकी वंदनम, आदबिड्डा निधि जैसी योजनाओं के तहत महिलाओं को वित्तीय सहायता देती है.
  • गोवा - गृह आधार योजना - इसमें गृहिणियों को महंगाई से राहत देने के लिए 1,500 रुपये प्रति माह मिलते हैं.
  • बिहार - मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत सरकार ने 1.81 करोड़ महिलाओं के खाते में स्वरोजगार के लिए 10-10 हजार रुपये दिए डाले हैं.
  • तेलंगाना - कांग्रेस सरकार ने महिलाओं को 2,500 प्रति माह देने का वादा किया है.

फ्री योजनाओं से राज्यों का बजट दबाव में

पिछले साल आई एक रिपोर्ट में बताया गया था कि महिलाओं को कैश योजनाओं के लिए 12 राज्यों ने साल 2025-26 में 1.68 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए थे. थिंक टैंक पीआरएस लेजिस्लेटिव रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया था कि इन योजनाओं की वजह से राज्यों के बजट पर काफी दबाव पड़ रहा है. राज्यों के कुल बजट का 5 से 10 पर्सेंट ऐसी योजनाओं में ही खर्च हो जा रहा है. वित्त वर्ष 2026 में लगभग 13 करोड़ महिलाओं के खाते में सीधे रकम पहुंचने का अनुमान है. 

सुप्रीम कोर्ट भी जता चुका है गहरी चिंता

चुनावों से पहले मुफ्त की योजनाओं पर सुप्रीम कोर्ट और आर्थिक विशेषज्ञ अक्सर चिंता जताते रहे हैं. सर्वोच्च न्यायालय ने पिछले महीने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि लोग अब काम नहीं करना चाहते क्योंकि उन्हें मुफ्त का राशन और पैसा मिल रहा है. कोर्ट का सवाल था कि राज्यों का क्या ये दायित्व नहीं है कि वो इस रकम को सड़कों, अस्पतालों और स्कूलों के विकास पर खर्च करें. 

देखें- बंगाल चुनाव: ममता बनर्जी का बड़ा दांव, महिलाओं के साथ-साथ बेरोजगार युवाओं के लिए मासिक भत्ते का ऐलान

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Women Cash Scheme, Direct Cash Transfer Scheme, Unconditional Cash Transfer, Mamata Banerjee
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com