- भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर से स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट नागरिकता साबित करने वाला दस्तावेज नहीं है.
- पासपोर्ट पर MEA की स्पष्टीकरण के बाद कई लोग सवाल उठा रहे हैं.
- यदि नागरिकता का प्रमाण साबित करने की जरूरत पड़े तो क्या दस्तावेज दिखा सकते हैं?
भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर से स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट नागरिकता साबित करने वाला दस्तावेज नहीं है. मंत्रालय का कहना है कि यह सिर्फ एक ट्रैवल डॉक्यूमेंट है. पासपोर्ट पर MEA की स्पष्टीकरण के बाद कई लोग सवाल उठा रहे हैं. जावेद अख्तर और आदित्य ठाकरे समेत कई लोगों ने सवाल किया है कि पासपोर्ट जारी करने की एक विस्तृत प्रक्रिया है और पुलिस वेरिफिकेशन भी होता है. ऐसे में यदि उसे भी नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जा रहा है तो यह गलत है.
आदित्य ठाकरे ने पासपोर्ट मामले में तीखा तंज करते हुए कहा कि पासपोर्ट पर हमारे राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होते हैं. अगर यह हमारी राष्ट्रीयता का सबूत नहीं है, तो क्या हमें ज्ञानेश कुमार के साथ फोटो खिंचवाकर अपनी राष्ट्रीयता साबित करनी चाहिए?
पासपोर्ट बनाने की प्रक्रिया लंबी होती है. पुलिस घर तक आकर जांच करती है. लेकिन विदेश मंत्रालय के स्पष्टीकरण से यह साफ है कि इसे नागरिकता का प्रमाण पत्र नहीं माना जा सकता. पासपोर्ट ही नहीं आधार, पैन, वोटर आईडी को भी नागरिकता प्रमाणीकरण का दस्तावेज नहीं माना जाता है.

आधार कार्ड को लेकर कोर्ट और सरकार दोनों पहले ही चीजें स्पष्ट कर चुके हैं. वोटर आईडी को लेकर चुनाव आयोग ने चीजें क्लियर कर दी है. वोटर कार्ड चुनाव देने का प्रमाण पत्र है. पैन कार्ड आयकर से जुड़ा दस्तावेज है. जन्म प्रमाण पत्र भी नागरिकता का प्रमाण पत्र नहीं है, क्योंकि यह जन्म को प्रमाणित करता है. फिर नागरिकता का प्रमाण क्या है?
नागरिकता साबित कैसे करें, सुप्रीम कोर्ट के वकील ने बताया
यदि नागरिकता का प्रमाण साबित करने की जरूरत पड़े तो क्या दस्तावेज दिखा सकते हैं? इस मामले में हमने सुप्रीम कोर्ट के वकील रुद्र विक्रम सिंह से बात की. रुद्र विक्रम सिंह ने कहा कि भारत की नागरिकता भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 के तय किए गए शर्तों के आधार पर मिलती है. हालांकि बाद में इसमें संशोधन भी हुए.
भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 की शर्तें
- जन्म द्वारा: 26 जनवरी 1950 या उसके बाद भारत में जन्मा व्यक्ति.
- वंश द्वारा: भारत के बाहर जन्मा व्यक्ति, यदि उसके माता-पिता में से कोई एक उसके जन्म के समय भारत का नागरिक हो.
- पंजीकरण द्वारा: भारतीय मूल के व्यक्ति या भारतीय नागरिक से विवाहित लोग पंजीकरण द्वारा नागरिकता प्राप्त कर सकते हैं.
- देशीकरण द्वारा: एक विदेशी नागरिक जो निर्धारित समय तक भारत में रहा हो और अन्य शर्तों को पूरा करता हो.
नागरिकता संशोधन अधिनियम 1986 संशोधन की शर्तें
नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 1955 में 1986 में संशोधन हुआ, जो 1 जुलाई 1987 को लागू हुआ था. इस संशोधन ने 'जन्म के आधार पर नागरिकता' के नियमों को सख्त कर दिया.
जन्म आधारित नागरिकता में बदलाव: 1 जुलाई 1987 से पहले भारत में जन्म लेने वाले किसी भी व्यक्ति को स्वतः जन्म से भारतीय नागरिकता मिल जाती थी. लेकिन 1 जुलाई 1987 या उसके बाद भारत में जन्मे किसी व्यक्ति को जन्म से भारतीय नागरिक तभी माना जाएगा, जब उसके जन्म के समय उसके माता-पिता में से कम से कम कोई एक भारत का नागरिक हो.
पंजीकरण द्वारा नागरिकता: पंजीकरण (Registration) के माध्यम से भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के लिए भारत में सामान्य रूप से निवास करने की अवधि को 6 महीने से बढ़ाकर 5 वर्ष कर दिया गया.
प्राकृतिक रूप से नागरिकता: प्राकृतिक रूप से (Naturalisation) नागरिकता प्राप्त करने के लिए भारत में निवास की अवधि को 7 साल से बढ़ाकर 12 वर्ष कर दिया गया.
अभी भारत में नागरिकता साबित करने का कोई सिंगल डॉक्यूमेंट नहीं
सुप्रीम कोर्ट के वकील रुद्र विक्रम सिंह ने साफ कहा कि अभी भारत में कोई ऐसा सिंगल डॉक्यूमेंट नहीं है, जिसे नागरिकता का प्रमाण पत्र माना जाए. हालांकि उन्होंने बताया कि NRC के बाद भारत में एक सिंगल पहचान पत्र जारी करने की योजना प्रस्तावित है, यदि यह व्यवस्था लागू हो जाती है तब भारतीयों के पास में एक नागरिकता साबित करने का एक सिंगल डॉक्यूमेंट होगा.
पासपोर्ट को नागरिकता का प्रमाण पत्र क्यों नहीं मान सकते
रुद्र विक्रम सिंह ने पासपोर्ट को नागरिकता का प्रमाण पत्र नहीं मानने का कारण भी बताया. उन्होंने कहा कि कई बार ऐसे उदाहरण सामने आए कि लोगों ने फर्जी पासपोर्ट बनवा लिया. यदि पासपोर्ट को नागरिकता का प्रमाण पत्र माना जाए तो फिर वह उन फर्जी लोगों को भी नागरिकता का प्रमाण पत्र दे देगा, जिन्होंने फर्जी पासपोर्ट बनवाए होंगे.
रुद्र विक्रम सिंह ने आगे बताया कि अभी नागरिकता साबित करने के लिए भारत में जन्म लेने का प्रमाण पत्र और माता-पिता का भारतीय होना दर्शाना आवश्यक है.
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