Khandaghosh Magistrate Scam: लोकसभा चुनाव की सरगर्मियों के बीच पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्दवान जिले में 'फर्जी मजिस्ट्रेट' की नियुक्ति का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. जिसके खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है. आरोप है कि खंडाघोष इलाके में, सत्ता का कथित दुरुपयोग करते हुए सात और लोगों को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के तौर पर तैनात करने का खुलासा हुआ है. मामला सामने आते ही चुनाव आयोग कड़ा रुख अपनाया है.
प्रशासनिक महकमे में खलबली, आयोग ने मांगी रिपोर्ट
चुनाव आयोग ने मामला सामने आते ही सबसे पहले जिला जिला प्रशासन से इस बारे में विस्तृत रिपोर्ट मांगी है,जिसके लिए आयोग ने पहले निर्देश दिए थे. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस पूरी घटना की जांच शुरू कर दी गई है.
प्रशासन पर दबाव बना रही है ममता सरकार- अभिजीत था
इस मामले पर टिप्पणी करते हुए, बर्दवान संगठनात्मक जिला भाजपा के अध्यक्ष अभिजीत था ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि बंगाल में चल रहे चुनावों में, राज्य सरकार जिला प्रशासन पर अपना प्रभाव डाल रही है. जब से पश्चिम बंगाल में तृणमूल सरकार सत्ता में आई है, तब ऐसे में काफी देखे गए है. चुनाव से ठीक पहले फर्जी मजिस्ट्रेटों की सूची का सामने आना राज्य की प्रशासनिक मशीनरी पर सवाल खड़े करता है. इस सूची को तैयार करने वालों को बेनकाब कर सख्त सजा दी जानी चाहिए.
'हमारा इन नियुक्तियों से कोई लेना-देना नहीं'- TMC
दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस इस मामले को लेकर लगे आरोपों को सिरे से खारिज किया. साथ ही पार्टी के जिला महासचिव बागबुल इस्लाम ने कहा कि पार्टी को इस मामले के बारे में कोई जानकारी नहीं है. चुनाव आयोग इस संबंध में उचित निर्णय लेगा.
तृणमूल कांग्रेस किसी भी तरह से ऐसी घटनाओं का समर्थन नहीं करती है. चुनाव आयोग और प्रशासन को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। हमें बंगाल की जनता पर पूरा भरोसा है और हमारा इन कथित नियुक्तियों में कोई हाथ नहीं है.
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