विज्ञापन

"परिसीमन से बंगाल, असम और बिहार को होगा फायदा", बंगाल में ममता बनर्जी पर जमकर बरसे असम सीएम

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने ममता बनर्जी पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी का भाषण शासन से ज्यादा विरोधियों की आलोचना पर केंद्रित रहते हैं.

"परिसीमन से बंगाल, असम और बिहार को होगा फायदा", बंगाल में ममता बनर्जी पर जमकर बरसे असम सीएम
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा (फाइल फोटो)

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार (16 अप्रैल) को पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पर निशाना साधा. सीएम हिमंत बिस्वा ने कहा कि उनके भाषण शासन से ज्यादा राजनीतिक विरोधियों की आलोचना पर केंद्रित रहते हैं. कूचबिहार जिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सरमा ने कहा कि ममता बनर्जी अपने भाषणों में बार-बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का जिक्र करती हैं. उनके भाषण विकास कार्यों पर कम और पीएम मोदी व अमित शाह पर हमले ज्यादा होते हैं. सीएम ने आरोप लगाए कि ममता बनर्जी लोगों में भय का माहौल बनाने की कोशिश करती हैं. 

परिसीमन पर बड़ा बयान

परिसीमन के मुद्दे पर बोलते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि यदि यह प्रक्रिया लागू होती है तो पूर्वी राज्यों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि ओडिशा, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है. सरमा ने जोर देकर कहा कि अगर परिसीमन होता है तो पूर्वी क्षेत्र को सीटों के लिहाज से सबसे ज्यादा फायदा होगा. इससे बढ़ती आबादी वाले राज्यों के पक्ष में प्रतिनिधित्व का संतुलन सुधरेगा.

मांसाहार आम बात, विवाद मत बनाइए- सीएम

ममता बनर्जी द्वारा खान-पान को लेकर दिए गए हालिया बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए सरमा ने कहा कि इस मुद्दे को अनावश्यक रूप से राजनीतिक बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों असम, बंगाल, गुजरात और बिहार में मांसाहार आम बात है और इसे विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए. ह कोई मुद्दा नहीं होना चाहिए, जब तक लोगों को किसी प्रकार की पाबंदी का डर न हो.

तबादलों का मुद्दा बनाने की जरूरत नहीं

तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी द्वारा चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोपों पर भी पलटवार किया. उन्होंने कहा, "अधिकारियों का तबादला एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है और इसे बेवजह विवाद का मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए. असम में भी अधिकारियों के तबादले होते रहते हैं. हम इसे ज्यादा महत्व नहीं देते, इसलिए इसे मुद्दा बनाने की जरूरत नहीं है.”

यह भी पढ़ेंः महिला आरक्षण पर सियासी संग्राम, छत्तीसगढ़ में BJP‑कांग्रेस का ट्रैक रिकॉर्ड क्या कहता है? संसद में बिल पर बहस

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com