- तृणमूल कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले अपना घोषणापत्र “दीदी के 10 संकल्प” नाम से जारी किया है
- घोषणापत्र में पुराने वादों को जारी रखते हुए नए वादे जोड़े गए हैं, जिनका अनुमानित खर्च बढ़ा है
- 2021 के घोषणापत्र में कल्याणकारी योजनाओं पर लगभग 40 हजार करोड़ रुपये खर्च का अनुमान था
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस ने अपना घोषणापत्र जारी कर दिया है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे “दीदी के 10 संकल्प” का नाम दिया है. पार्टी ने इसे जनता-केंद्रित रोडमैप बताते हुए कहा कि यह घोषणापत्र बंगाल की पहचान, कल्याणकारी योजनाओं और केंद्र के कथित हस्तक्षेप के खिलाफ राज्य के अधिकारों की रक्षा पर आधारित है.
इस बार के घोषणापत्र में कई पुराने वादों को जारी रखने के साथ नए वादे भी जोड़े गए हैं. खास बात यह है कि 2021 के विधानसभा घोषणापत्र और 2024 के लोकसभा घोषणापत्र में किए गए वादों से कई योजनाओं की सीधी तुलना भी सामने आ रही है, जिसमें खर्च और फंड का बोझ भी बढ़ता दिख रहा है.
2021 और 2024 के घोषणापत्र से तुलना और अनुमानित खर्च-
1. सबके लिए पानी और पक्का घर — 2021 का वादा, अब विस्तार
ममता बनर्जी ने कहा कि हर घर तक पीने का पानी और सभी को पक्का घर देने का लक्ष्य पूरा किया जाएगा.
2021 घोषणापत्र:
30 लाख से अधिक घर बनाने का वादा
अनुमानित खर्च: ₹15,000–20,000 करोड़
2024 घोषणापत्र:
राष्ट्रीय स्तर पर ‘Housing for All' का वादा
अनुमानित खर्च: ₹3–5 लाख करोड़ (राष्ट्रीय मॉडल)
2026 वादा:
सभी पात्र परिवारों को पक्का घर + पाइप जल
राज्य स्तर पर संभावित खर्च: ₹25,000+ करोड़
2. लक्ष्मी भंडार जीवनभर — सबसे बड़ा कल्याणकारी वादा
सीएम ने कहा कि लक्ष्मी भंडार योजना जीवनभर जारी रहेगी.
2021:
₹500/₹1000 प्रति माह
खर्च: ~₹12,000 करोड़ सालाना
2024:
राष्ट्रीय महिला आय योजना का वादा
अनुमानित खर्च: ₹1–2 लाख करोड़ (राष्ट्रीय)
2026:
योजना जारी + विस्तार संभव
खर्च बढ़कर ₹15,000–18,000 करोड़ सालाना
3. छात्रवृत्ति + युवा योजना — Juba Sathi अलग, Scholarship अलग
ममता ने कहा कि स्कॉलरशिप और युवा योजना अलग हैं.
2021:
Student credit card ₹10 लाख तक
खर्च: ₹4,000–5,000 करोड़
2024:
शिक्षा बजट 5% GDP का लक्ष्य
2026:
स्कॉलरशिप + Juba Sathi + टैब योजना
संभावित खर्च: ₹6,000–7,000 करोड़

4. रोजगार और उद्योग — 2 करोड़ नौकरी का दावा
सीएम ने दावा किया कि 2 करोड़ युवाओं को काम मिला.
2021:
5 लाख नौकरी प्रति वर्ष
10 लाख MSME
2024:
राष्ट्रीय रोजगार गारंटी विस्तार
2026:
उद्योग, लेदर हब, पावर हब, देउचा-पचामी
निवेश दावा: ₹50,000+ करोड़
5. देउचा-पचामी, पावर हब, इंडस्ट्री — ऊर्जा सुरक्षा का दावा
2021:
इंडस्ट्रियल कॉरिडोर
2024:
ऊर्जा सुरक्षा राष्ट्रीय मुद्दा
2026:
देउचा-पचामी से 100 साल बिजली
अनुमानित निवेश: ₹35,000+ करोड़
6. कृषि और मछली उत्पादन — आत्मनिर्भर बंगाल मॉडल
2021:
किसान सहायता ₹10,000
2024:
MSP गारंटी
2026:
90% अंडा उत्पादन बंगाल में
हिल्सा रिसर्च सेंटर
कृषि + मत्स्य निवेश: ₹5,000+ करोड़
7. Duare Swasthya / Duare Chikitsa — घर तक स्वास्थ्य
2021:
Swasthya Sathi
2024:
₹10 लाख हेल्थ कवर
2026:
Duare Chikitsa
मोबाइल हेल्थ कैंप
खर्च: ₹8,000+ करोड़
8. मातृत्व और स्वास्थ्य — 99% संस्थागत डिलीवरी दावा
सीएम ने कहा कि पहले 58% → अब 99.95%
2021:
मातृत्व योजना
2024:
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मॉडल
2026:
अस्पताल + कैंप + ग्रामीण हेल्थ
खर्च: ₹3,000+ करोड़
9. स्कूल आधुनिकीकरण — हजारों स्कूल अपग्रेड
2021:
शिक्षा ढांचा सुधार
2024:
शिक्षा बजट बढ़ाने का वादा
2026:
हजारों स्कूल मॉडर्न
खर्च: ₹10,000+ करोड़

10. पेंशन, विधवा, बुजुर्ग भत्ता — सर्वे के बाद विस्तार
सीएम ने कहा सर्वे चल रहा है।
2021:
सामाजिक सुरक्षा
2024:
₹1000 पेंशन राष्ट्रीय
2026:
राज्य पेंशन विस्तार
खर्च: ₹6,000+ करोड़
घोषणापत्रों के खर्च की तुलना करें तो तृणमूल कांग्रेस की योजनाओं का वित्तीय आकार लगातार बढ़ता हुआ दिखाई देता है.
- वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव घोषणापत्र में कुल कल्याणकारी योजनाओं और विकास परियोजनाओं पर लगभग 40 हजार करोड़ रुपये के खर्च का अनुमान लगाया गया था.
- वहीं 2024 के लोकसभा चुनाव घोषणापत्र में कई योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने का वादा किया गया, जिसका कुल अनुमानित बोझ लगभग 20 लाख करोड़ रुपये तक आंका गया.
- अब 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले जारी नए घोषणापत्र में राज्य स्तर पर योजनाओं को जारी रखने और उनका विस्तार करने की बात कही गई है, जिसके लिए करीब 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक के खर्च का अनुमान लगाया जा रहा है.
इससे साफ है कि इस बार भी चुनाव में कल्याणकारी योजनाओं और आर्थिक सहायता पर बड़ा दांव लगाया गया है.
ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार ने पिछले कार्यकाल में जो वादे किए थे, उन्हें पूरा किया है और जो काम अधूरे हैं, उन्हें भी समय पर पूरा किया जाएगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि तृणमूल कांग्रेस का यह घोषणापत्र सिर्फ चुनावी वादा नहीं बल्कि जनता से किया गया संकल्प है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के गरीब, किसान, महिला, युवा और बुजुर्ग — सभी को साथ लेकर आगे बढ़ना ही उनकी सरकार का लक्ष्य है. उन्होंने आरोप लगाया कि बाहरी ताकतें बंगाल की पहचान और विकास को रोकना चाहती हैं, लेकिन जनता के समर्थन से तृणमूल कांग्रेस एक बार फिर सरकार बनाकर सभी योजनाओं को और आगे बढ़ाएगी.
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